शिवपुरी। जिले के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झांसी रोड़ पर आज दोपहर माधव राष्ट्रीय उद्यान से बाहर निकले एक चीतल की डम्फर से टकरा जाने से मौत हो गई। जिसकी सूचना शीघ्र ही वन विभाग को दी गई। घायल चीतल लगभग एक घंटे तक तड़पता रहा लेकिन, वन विभाग का अमला उस समय पहुंचा जब चीतल की मौत हो चुकी है।
चीतल माधव राष्ट्रीय उद्यान से बाहर कैसे निकला इससे वन विभाग के कर्मचारियों लापरवाही साफ तौर से उजागर होती है। यदि ऐसे ही एक-एक करके माधव राष्ट्रीय उद्यान के वन्य प्राणी बाहर आकर वाहनों से टकराकर मरते रहेंगे तो वह दिन दूर नहीं है। माधव राष्ट्रीय उद्यान वन्य प्राणी विहीन हो जाएगा।
माधव राष्ट्रीय उद्यान से आज दोपहर के समय एक चीतल पार्क की सीमा रेखा से बाहर निकल कर झांसी रोड़ पर पहुंच गया। सड़क पर तेजी से आ रहे डम्फर की चपेट में चीतल के आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके एक घंटे बाद तक चीतल सड़क पर तडफ़ड़ाता रहा जबकि इसकी सूचना वन विभाग को लोगों द्वारा दे दी गई थी।
लेकिन वन महकमा लगभग दो घंटे के बाद घटना स्थल पर पहुंचा और मृत चीतल को माधव राष्ट्रीय उद्यान में ले गए तथा मृत चीतल का पीएम कराकर चीतल का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व ही माधव राष्ट्रीय उद्यान से वन्य प्राणी बाहर निकल कर अपनी गंवाते रहे हैं। जिसमें आगरा-मुम्बई मार्ग पर कुछ माह पूर्व तेन्दुए की वाहन से टकरा जाने के कारण मौत हो गई। वहीं कुछ समय पूर्व झांसी रोड़ पर ही सलैया के पास एक तेन्दुए की वाहन से टकरा जाने से मौत हो गई थी। वन्य प्राणियों के माधव राष्ट्रीय उद्यान से निकलने तथा वन्य प्राणियों की मौत की घटनायें रोजमर्रा की बात हो गई है। जो वन विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर संवालिया निशान लगाता है।
माधव राष्ट्रीय उद्यान से आज दोपहर के समय एक चीतल पार्क की सीमा रेखा से बाहर निकल कर झांसी रोड़ पर पहुंच गया। सड़क पर तेजी से आ रहे डम्फर की चपेट में चीतल के आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके एक घंटे बाद तक चीतल सड़क पर तडफ़ड़ाता रहा जबकि इसकी सूचना वन विभाग को लोगों द्वारा दे दी गई थी।
लेकिन वन महकमा लगभग दो घंटे के बाद घटना स्थल पर पहुंचा और मृत चीतल को माधव राष्ट्रीय उद्यान में ले गए तथा मृत चीतल का पीएम कराकर चीतल का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व ही माधव राष्ट्रीय उद्यान से वन्य प्राणी बाहर निकल कर अपनी गंवाते रहे हैं। जिसमें आगरा-मुम्बई मार्ग पर कुछ माह पूर्व तेन्दुए की वाहन से टकरा जाने के कारण मौत हो गई। वहीं कुछ समय पूर्व झांसी रोड़ पर ही सलैया के पास एक तेन्दुए की वाहन से टकरा जाने से मौत हो गई थी। वन्य प्राणियों के माधव राष्ट्रीय उद्यान से निकलने तथा वन्य प्राणियों की मौत की घटनायें रोजमर्रा की बात हो गई है। जो वन विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर संवालिया निशान लगाता है।
बड़ा बाजार पुरानी शिवपुरी में मगर के आने से दहशत
शहर के पुरानी शिवपुरी क्षेत्र के बड़ाबाजार में अचानक मगर के आ जाने से नागरिकों में अफरा तफरी का माहौैल निर्मित हो गया। आज अल सुबह 5 बजे निकले मगर को देखकर नागरिक भय के कारण इधर उधर भागने लगे। नागरिकों द्वारा रिहायशी इलाके में मगर के आ जाने की सूचना वनविभाग को दी गई। जिस पर से वन विभाग की टीम ने घटना पहुंचकर के मगर को अपने जाल के माध्यम से पकड़ कर संख्या सागर छोड़ दिया।
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