शिवपुरी. तमिलनाडु के समुद्री तट पर आए थाने नामक चक्रवाती तूफान का असर शिवपुरी में शनिवार से ही दिखाई देने लगा था, जिसकी वजह से यहां पारा गिर गया। देर शाम आसमान में छाए बादल रिमझिम बारिश के रूप में बरसे लेकिन रविवार की अलसुबह यह बूंदाबांदी तेज बारिश के रूप में परिवर्तित हो गई। जिले के कोलारस, पोहरी, बदरबास नरवर, करैरा व खनियाधाना के कई गांवों में ओले गिरने की जानकारी सामने आई है। मावठ की इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि यह बारिश उनकी खेती के लिए अमृत कही जा सकती है।
ओलावृष्टि हो सकती है नुकसानदायक
विषय विशेषज्ञों की मानें तो अभी तक हुई ओलावृष्टि व बारिश भले ही फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन बारिश के साथ होने वाली ओलावृष्टि अत्यधिक हो गई तो यह फसलों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
नुकसान का किया आकलन
हमारे नरवर संवाददाता से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मोहनी में ओलावृष्टि के कारण सरसों व गेंहू को नुकसान हुआ है जिसका मुआयना करने के लिए सरपंच सुल्तान सिंह गुर्जर, सचिव बनवारीलाल शाक्य, पटवारी कमल शाक्य गांव पहुंचे और उन्होने नुकसान का आंकलन भी किया।
2 डिग्री पर सिमटा पारा
शनिवार तक 5 डिग्री तक गिर चुका पारा देर रात हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण 2 डिग्री पर जा पहुंचा, जिसके लोगों ने छुट्टी के दिन का जमकर लुत्फ उठाया। एक ओर जहां इस ठिठुरन के कारण घरों में अलाव जलाने पर मजबूर होना पड़ा वहीं दूसरी ओर आज अवकाश व नववर्ष का प्रथम दिन होने के कारण घरों पर मंगोड़े, पकौड़ी व अन्य पकवान बना कर जमकर सेलिब्रेशन मनाया गया। सुबह 10 बजे तक तो बाजार की सड़के सुनी पड़ी रही।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।