सेन्ट्रल डेस्क
पिछले सप्ताह यूनीसेफ के अतिथियों के सत्कार में लगे कलेक्टर जनसुनवाई में अनुपस्थित थे परंतु इस बार उन्होंने न केवल खुद समस्याएं सुनीं बल्कि समाधान का प्रयास भी किया। सनद रहे कि जनसुनवाई कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन का महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसके सहारे शिवराज सरकार दोबारा सत्ता में आने का तानाबाना बुन रही है एवं कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। टारगेट यह भी है कि जनता का असंतोष समाप्त हो जाना चाहिए, उन्हें लगना चाहिए कि कोई है जो उनकी बात सुन रहा है और निराकरण के प्रयास भी कर रहा है।
शिवपुरी में आज हुई जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कुल 159 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें कलेक्टर शिवपुरी द्वारा सुना गया, लेकिन इनमें से कितने आवेदनों का समाधान हुआ यह पता नहीं चल पाया है। सनद रहे कि शिवपुरी में जनसुनवाई कार्यक्रम में मीडिया को बाहर रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है और प्रयास यह होता है कि सरकारी समाचार ऐजेन्सी जनसंपर्क द्वारा जारी समाचारों को यथावत प्रकाशित कर दिया जाए। चूंकि शिवपुरी में ज्यादातर मीडिया प्रतिनिधि कहीं न कहीं ठेकेदारी में लिप्त हैं अत: वे भी प्रशासन की इस प्रकार की रणनीतियों पर तथास्तु कर रहे हैं। आज हुई जनसुनवाई के दौरान भी मीडिया उपस्थित नहीं थी।
पीडि़तों को छोड़ यूनीसेफ की सेवासत्कार में जुटे रहे कलेक्टर
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