छात्रों के विवाद में बजरंगदल के नेता पिटे, हंगामा, अर्धनग्न प्रदर्शन

शिवपुरी। फिजीकल थाना पुलिस की लापरवाही के कारण छात्रों के बीच हुआ छोटा सा विवाद तनाव में बदल गया। सिद्धेश्वर ग्राउण्ड के पास कोंचिंग में पढ़ने वाले छात्रों के बीच हुए विवाद में बजरंग दल के युवा नेता ने दखल दिया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। इसमें बजरंग दल का एक कार्यकर्ता भी पिट गया। गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी हमलावरों के खिलाफ जमानती मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रदर्शन स्थल पर शहर के 3 थानों की पुलिस तैनात कर दी गई थी। 

जानकारी के अनुसार आज सुबह छात्र सचिन मांझी का कोचिंग पर विवाद हो गया था। शाम को सचिन अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर आया जबकि आकव पठान अपने साथ करीब 20 बदमाशों को ले आया। दोनों पक्षों के बीच सरेआम संघर्ष हुआ। पुलिस और आम जनता के बीच का अंतर देखिए कि किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। प्रदीप रावत और देव शर्मा बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं। इस हमले में दोनों पिट गए। 

इसके बाद बजरंग दल के कई कार्यकर्ता एकजुट हो गए और फिजीकल थाने का घेराव कर दिया। पुलिस ने आकिव पठान के खिलाफ धारा 294, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। बजरंग दल के नेता इससे संतुष्ट नहीं हैं। वो चाहते हैं कि सभी 20 आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। बजरंग दल के नेता अर्धनग्न प्रदर्शन कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक फिजीकल थाना पुलिस ने छावनी में तब्दील हो गया था। फिजीकल थाना प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं है। सिटी कोतवाली टीआई संजय मिश्रा और देहात थाना प्रभारी सतीश चौहान अपने बल के साथ प्रदर्शनकारियों को घेरे हुए हैं। 

एडिशनल एसपी का कहना है कि छात्रों के बीच छोटा सा विवाद था। मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
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2 comments:

Adil Shibani said...

एक पक्ष को आप "लड़के" लिख रहे हैं, और वहीं दूसरे पक्ष के लड़कों को "लड़के" न लिखते हुए "बदमाश" शब्द का प्रयोग लापरवाही पूर्वक कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भागयपूर्ण है!
इस तरह की लापरवाही आपकी ही क़लम को अन्यायी और कमज़ोर व भेद भाव से ग्रसित दिखा रही है!
हम पहले पत्रकार हैं!, उसके बाद किसी वर्ग विशेष के नुमाइंदे।
हमारा कर्तव्य है कि इस तरह के मामलों में एसी बड़ीत्रुटियां करने से बचा जाए, नहीं तो प्रश्न चिन्ह लगना सौभाविक है!

मेरी व्यक्तिगत राय यह है की प्रकरण दोनो ही पक्षो की तरफ़ से उत्पात मचाने वाले नासमझ युवकों पर दर्ज किया जाए, जिससे आइन्दा शहर की गंगा जमनी सभ्यता को खंडित होने से बचाया जा कर शान्ति बहाली का एक बेहतरीन रास्ता निकले और पुलिस की निष्पकक्ष कार्यप्रणाली का बेहतर उदाहरण बन सके।
धन्यवाद।
सदैव आपका शुभचिंतक।

Ayyuv khan said...

Post ko drkh yhi sawaal mere zehan m aye, jo aadil bhai ne mere un sawalo ko apne shabdo m likh hi diya h bas yhi sawal aye esa bhedbhaav kyu , kya aap bhi unhi k gulaam ho aap log aaj b aazaad ni ho paye ho kya jo is tarah pakshpaat krne ko majboor ho ya fr ye bhi aap logo fitrat ban chuki h