परिवार परामर्श: पति ने अपनी गलती स्वीकारी पत्नि ने किया माफ, हो गया समझौता


शिवपुरी। स्थानीय पुलिस कन्ट्रोल रूम में आयोजित परिवार परामर्श के शिविर में काउन्सलरों ने अपनी बेहतरीन काउन्सलिंग के कौशल तथा कारगर समझार्ईश से पांच परिवारो को बिखरने से बचाया। वहीं एक केस में दो परिवारों का संपत्ति विवाद को भी सुलझाकर उनके बीच राजीनामा कराने में महती सफलता प्राप्त की। इसी क्रम में पांच प्रकरणों में पति पत्नि को 15 दिन पुन: काउन्सलिंग के लिए बुलाया गया है। वहीं दो प्रकरणों में वह पक्ष अनुपस्थित रहे तो एक प्रकरण में एक पक्ष अनुपस्थित था। एक अन्य प्रकरण में मामले को न्यायालय में जाने की दोनों पक्षों को सलाह दी गई। 


रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में इस बार कुल 15 प्रकरण रखे गए जिनमें कुल 6 राजीनामे कराए गए इन में सबसे कठिन प्रकरण पिछोर क्षेत्र का था। जहां पति पत्नि के बीच में अविश्वास के चलते अलगांव की स्थिति निर्मित हो गर्ई थी और मामले में पति की गलती ज्यादा थी। जब पति अपनी गलत स्वीकारने को तैयार नहीं हुआ तो काउन्सलरों ने बड़े धैर्य के साथ उसकी काउन्सलिंग भी और पति की गलतियां पति से ही उगलबादीं। 

बाद में पति ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और पत्नि से माफी मांग ली। पत्नि ने भी इस माफ कर दिया और इस तरह परिवार टूटने से बच गया। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में अंतर जातिय प्रेम विवाह करने वाले युवा जोड़ो जो कि एक साल की प्यारी बच्ची के माता-पिता भी थे। अन्य जिले से आए थे। पति को मोबाईल के कारण अपनी पत्नि पर सक था तो पत्नि अपने पति तथा परिजनों के व्यवहार से नखुश थी। 

इन दोनों की शादी को महज ढाई साल हुए थे और तलाक की नौबत आ चुकी थी। काउन्सलरों ने अपने कौशल से इन दोनों के बीच विवाद को सुलझाने में सफलता प्राप्त की और पति अपनी पत्नि को वहीं से सीधे घर ले गया। वहीं एक अन्य प्रकरण में शिवपुरी निवासी एक व्यक्ति का विवाह ग्वालियर जिले में हुआ और एक साल पूरे भी नहीं हुए थे कि विवाद के हालात निर्मित हो गए और अलगाव की स्थिति निर्मित हो गई। परिवार परामर्श के द्वारा इनको भी एक करने में सफलता मिली और वह युवति एक माह बाद अपनी ससुराल ग्वालियर चली जावेगी। 

इस प्रकार कुल पांच प्रकरणों में समझौता कराकर परिवार परामर्श केन्द्र अपना सामाजिक योगदान दिया। एक अन्य प्रकरण में दो भाईयों के बीच मकान को लेकर विवाद की स्थिति थी। छोटा भाई जो कि मानसिक रूप से बीमार है कि पत्नि मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने तीन बच्चों का भरण पोषण करती हैं। 

उसकी शिकायत थी कि जब वो काम पर चली जाती है तो उसका जेठ और उनके बड़े बच्चे इसके छोटे बच्चो से विवाद करते हैं और मकान खाली कराने के लिए दवाब बनाते हैं। परिवार परामर्श के काउन्सलरों ने इस प्रकरण में समझाईश दी और दस्तावेज का भी परिक्षण किया तो मकान दोनों भाईयों के नाम पाया गया। 

समझार्ईश के बाद बड़े भाई ने छोटे भार्ई की पत्नि के साथ लिखित में समझौता किया कि वे भविष्य में कभी भी परेशान नहीं करेंगे। इससे बेवश और लाचार महिला को एक नया जीवन मिला उक्त महिला अपने तीनों छोटे बच्चों को लेकर परामर्श केन्द्र पर आई थी। 

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, डीएसपी महिला सैल आनंद राय, केन्द्र के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, सुरेशचन्द्र जैन, भरत अग्रवाल डॉ. इकबाल खांन, नरेश गोंडल, राजेन्द्र राठौर, संतोष शिवहरे, एचएस चौहान, राजेश गुप्ता, राजेश जैन राजू, राकेश शर्मा, विजय खन्ना, उमा मिश्रा, स्नेहलता शर्मा, पुष्पा खरे, प्रीति जैन,आनंदिता गांधी, मृदुला राठी, आकला कुर्रेशी, गुंजन अजय खैमरिया, रबजोत, शिखा अग्रवाल सहित महिला सैल के पुलिसकर्मी उपस्थित थे।
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