कुपोषित बच्चों को खोज: कम बजन के बच्चें तुरंत एनआरसी में होगें भर्ती

शिवपुरी। कलेक्टर तरूण राठी ने महिला एवं बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सतत रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर बच्चों के परिजनों से चर्चा करें और अति कम वजन के बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्रों(एनआरसी) में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री राठी ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में पोषण पुर्नवास केन्द्र एवं कुपोषण प्रबंधन की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। 

बैठक में पोहरी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंकित अष्ठाना, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी ओ.पी.पाण्डे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एम.एस.सागर, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग खण्डस्तरीय एवं मैदानी कर्मचारी एवं एनआरसी प्रभारी उपस्थित थे। 
कलेक्टर श्री राठी ने पोषण पुर्नवास केन्द्र एवं कुपोषण प्रबंधन की समीक्षा करते हुए महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मैदानी कर्मचारी फील्ड का सतत भ्रमण कर कुपोषित बच्चों की खोज करें और बच्चों के परिजनों से चर्चा कर बच्चों में होने वाली बीमारियां, कमवजन आदि के संबंध में जानकारी लें। अति कम वजन के बच्चो को पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में भेजना सुनिश्चित करें। 

उन्होंने कहा कि आगामी तीन माहों में ऐसी रणनीति बनाए की आशा कार्यकर्ता एवं फील्ड वर्कर अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले परिवारों से संपर्क कर प्रत्येक बच्चें की स्थिति की संबंध में चर्चा कर जानकारी लें। इसके लिए अतिकमवजन बच्चों के गांवों में शिविर भी आयोजित किए जाए। जिसमें एएनएम एवं आशाकार्यकर्ता आवश्यक रूप से उपस्थित रहे। 

उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि उनके कार्य क्षेत्र में आने वाले आंगनवाड़ी केन्द्र नियमित रूप से खुले और इन केन्द्रों के माध्यम से बच्चों एवं धात्री महिलाओं को आंगनवाड़ी सेवाओं का लाभ मिलें। श्री राठी ने जिले में स्थित आठों पुर्नवास केन्द्रों में अतिकमवजन के बच्चों को भर्ती किए जाने हेतु प्रत्येक पुर्नवास केन्द्र में पलंग बढ़ाते हेतु संख्या भी निर्धारित की गई। जिससे अतिकमवजन के बच्चों को एनआरसी में भर्ती होने में परेशानी न हो। 

इसकी समीक्षा सीडीपीओ द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के अतिकमवजन के बच्चों को एनआरसी में भर्ती किए जाने हेतु 108 वाहन सेवा का लाभ लें। इसके साथ खण्ड चिकित्सीय अधिकारियो से भी संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर ने दोनो विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं सीडीपीओ मंगलवार, बुधवार एवं शनिवार को संयुक्त भ्रमण करें और ऐसे क्षेत्रों में जाए जिन क्षेत्रों में अतिकमवजन के बच्चे है और उन्हें एनआरसी में भर्ती कराए।

155 डे-केयर सेंटर शुरू
बैठक में बताया गया कि अतिकमवजन के बच्चों को तृतीय एवं चतुर्थ भोजन प्रदाय किए जाने हेतु सहरिया जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में 155 डे-केयर सेंटर शुरू किए गए है। इनका लाभ भी अधिक से अधिक अति कम वजन के बच्चों को प्राप्त हो। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत टीमों द्वारा कुपोषित प्रभावी क्षेत्रों का सतत भ्रमण किया जा रहा है और अतिकमवजन के बच्चों को चिहिंत कर उन्हें एनआरसी में भर्ती किए जाने हेतु भेजा जा रहा है। इसके अलावा दीनदयाल चलित औषधालय के माध्यम से भी प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। प्रति सप्ताह ब्लॉक स्तर पर सीडीपीओ एवं बीएमओ की समीक्षा बैठक और 15 दिवस में महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। 
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