VIDHYA DEVI HOSPITAL: इलाज में लापरवाही का दोषी, कोर्ट ने 13 लाख का जुर्माना ठोका - Shivpuri Samachar | No 1 News Site for Shivpuri News in Hindi (शिवपुरी समाचार)

Post Top Ad

Your Ad Spot

3/27/2019

VIDHYA DEVI HOSPITAL: इलाज में लापरवाही का दोषी, कोर्ट ने 13 लाख का जुर्माना ठोका

शिवपुरी। आज की बडी खबर न्यायालय परिसर से आ रही है। जहां बीते रोज एक मामले में सुनवाई करते हुए माननीय उपभोेक्ता फोर्म ने विद्या देवी हॉस्पिटल की संचालिका और झांसी के एक डॉक्टर पर एक महिला के गलत आपरेशन के चलते 13 लाख 23 हजार रूपए का हर्जाना देने के आदेश किए हैं। उक्त मामले में उपभोक्ता फोरम ने माना है कि यह चिकित्सकों की लापरवाही से हुआ है। जिसके चलते पीडिता को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशानी का सामना करना पडा। इस मामले में पीडित पक्ष की और से पेरवी एडवोकेट विजय तिवारी ने की। 

अभियोजन के अनुसार आवेदिका अंजुम बेगम पत्नि इस्माईल खा उम्र 35 साल निासी बाबू क्वार्टर रोड शिवपुरी के योनि मार्ग से रक्त स्त्राव हो रहा था। इसके निदान के लिए पीडित अंजुम बेगम विद्या देवी होस्पीटल में पहुंची औेर जांच कराई तो अस्पताल की डॉक्टर रीता गुप्ता ने बताया कि योनी मार्ग से बच्चा दानी में परेशानी है और बच्चा दानी निकालनी पडेगी। यह ऑपरेशन झांसी के डॉक्टर एनएस राजपूत करंगे। इसके एवज में पीडित ने 18 हजार रूपए का शुल्क लिया गया। 

इसे लेकर पीडित ने 8 नबंबर 2014 को विद्यादेवी हॉस्पीटल में भर्ती किया गया,और डॉक्टर राजपूत ने उसका ऑपरेशन किया। जिसकी रशीद भी पीडित को नहीं दी गई। आपरेशन के दो दिन बाद ही पीडिता को पेट में दर्द होने की शिकायत होने के साथ साथ पेट फूलने की शिकायत हुई। जिसपर पीडित को डॉक्टर ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। पीडित ने तत्काल कल्पना एक्सरे पर 500 रूपए देकर सोनोग्राफी कराई। सोनोग्राफी के बाद पीडित को विद्यादेवी हॉस्पीटल से ग्वालियर अंशुमन सोमानी के यहां रैफर कर दिया। 

जहां चेपअप करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि आॅपरेशन करने के चलते उसी बडी आंत में छेद हो गया। जिसकी बजह से आंते यूरिनल ब्लेडर,पेशाबी थेली से चिपक गई। जिससे पेट में मबाद भर गया। पेट में मबाद भर जाने से फैफडों में संक्रमण फैल गया। जिसपर पीडित को तत्काल सराफ हॉस्पीटल रैफर कर दिया। जिसपर सराफ होस्पीटल में सर्जन ने 48 हजार रूपए लेकर पीडिता का आपरेशन किया। परंतु फिर भी कोई आराम नहीं मिला। जिसपर परिजन तत्काल पीडिता को लेकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में पहुंचे और ऑपरेशन कराया। 

इस मामले में पीडिता ने अपने अधिवक्ता विजय तिवारी के जरिए उक्त मामले को उपभोक्ता फोर्म में लगाया और उक्त मामले में डॉक्टर की लापरवाही की बात कहकर पीडिता को प्रतिकर के रूप में 18 लाख रूपए देने की मांग की। जिसपर दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए गोरीशंकर दुवे अध्यक्ष उपभोक्ता विवाद प्रतितोषक फोरम शिवपुरी ने एक माह में 13 लाख 23 हजार रूपए पीडिता को देने का आदेश दिया है। उक्त मामले में एक माह में राशि का भु्गतान न होने पर 7 प्रतिशत के व्याज के साथ उक्त राशि का भुगतान करना होगा। 

No comments:

Post Top Ad

Your Ad Spot