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नकली केबल सप्लाई मामला: Finolex copyright का तो नपा करा रही है धोखाधडी का मामला दर्ज | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। स्थानीय पुलिस की नानुकूर लेकिन पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर की रूचि से नगरपालिका में लगभग 50 लाख रूपए की फिनोलेक्स कंपनी की केबल सप्लाई के मामले में आज एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में फिनोलेक्स कंपनी ने जहां कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में एफआईआर कराने के लिए कोतवाली शिवपुरी में आवेदन दिया है वहीं नगरपालिका संबंधित ठेकेदार मंगल पाइप के विरूद्ध धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर करा रही है।

हालांकि मंगल पाइप एण्ड सेनेट्री के संचालक मोहन मंगल का कहना है कि 9 लाख 84 हजार रूपए की जिस केबल को नकली बताया जा रहा है वह उनके द्वारा सप्लाई नहीं की गई तथा उनके नाम का दुरूपयोग कर नगरपालिका के गठजोड़ से किसी प्रभावी व्यक्ति ने सप्लाई की है। उनके इस लिखित वक्तव्य के बाद CMO पीसी राय ने उनसे पूछा है कि यदि उक्त केबल उनके द्वारा सप्लाई नहीं की गई तो फिर ऑनलाइन उनकी फर्म का नगरपालिका के पास बिल कैसे आया। 

जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 के लिए नगरपालिका को फिनोलेक्स कंपनी का पाइप सप्लाई करने का कुटेशन स्वीकृत किया गया था। बताया जाता है कि दरें काफी कम थीं और मार्केट रेट से भी कम दर पर मंगल पाइप एण्ड सेनेट्री ने केबल सप्लाई करने का नगरपालिका से अनुबंध किया था। कंपनी ने अंतिम बार 9 लाख 84 हजार रूपए की फिनोलेक्स कंपनी की केबल सप्लाई की। इसके पहले बताया जाता है कि मंगल पाइप एण्ड सेनेट्री ने लगभग 40 लाख रूपए की केबल सप्लाई कर दी। जिनका उपयोग नगरपालिका के बोरों में किया गया। नगरपालिका के पास पेयजल सप्लाई हेतु लगभग 50 टयूबवैल हैं। 

जब आए दिन केबल फुंकने लगी और नगरपालिका ने बोरों में केबल डालने वाले ठेकेदारों से इसके बारे में पूछताछ की तो उन्होंने केबल के नकली होने की आशंका व्यक्त की। तत्पश्चात सीएमओ राय और नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने अंतिम बार जो केबल आई उसमें से सैंपल लेकर फिनोलेक्स कंपनी की प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा। वहां से रिपोर्ट आई कि उक्त केबल फिनोलेक्स कंपनी की नहीं है और दिल्ली मेड केबल पर फिनोलेक्स कंपनी की सील लगाकर नगरपालिका में सप्लाई की गई है। नगरपालिका ने उक्त केबल जिसमें 6 एमएम की 5 हजार मीटर जिसकी कीमत 7 लाख 35 हजार तथा 4 एमएम की 1700 मीटर जिसकी कीमत 2 लाख 49 हजार रूपए है को जप्त कर लिया और ठेकेदार को नोटिस भेजकर उनसे उनका पक्ष जानना चाहा। नोटिस में नगरपालिका ने लिखा कि उक्त केबल नकली सप्लाई की गई है क्यों न आपकी एसडी राशि जप्त की जाए और क्यों न आपको ब्लैक लिस्टेड किया जाए।

जिसके जवाब में मंगल पाइप एण्ड सेनेट्री ने केबल सप्लाई से इंकार किया और कहा कि उनके नाम का उपयोग कर किसी अन्य ने केबल सप्लाई की है। नगरपालिका ने फिर ठेकेदार को नोटिस देकर पूछा कि यदि उन्होंने केबल सप्लाई नहीं की तो उनकी फर्म का 9 लाख 84 हजार रूपए का बिल ऑनलाइन कैसे आया। नगरपालिका ने फिनोलेक्स कंपनी को भी सूचित किया और फिनोलेक्स कंपनी के अधिकारी मयूर गौतम शिवपुरी आ गए और उन्होंने नकली पाइप सप्लाई करने वाली फर्म के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया। श्री गौतम हाल ही में हरियाणा में भी एक फर्म द्वारा फिनोलेक्स कंपनी का नकली पाइप सप्लाई करने के मामले में FIR दर्ज करा चुके हैं। 

श्री गौतम ने 9 लाख 84 हजार की केबल के अलावा नगरपालिका के स्टोर में पहले से रखी केबल को भी देखा और उस केबल को देखते ही उन्होंने कहा कि यह भी नकली है और इस पर हमारी कंपनी की फर्जी सील लगाई गई है। नपा में सप्लाई करने वाले ठेकेदार ने कॉपीराइट के तहत अपराध किया है। इसलिए कंपनी कॉपीराइट के तहत सोमवार को फर्म के खिलाफ एफआईआर कराएगी, लेकिन बताया जाता है कि स्थानीय पुलिस ने जांच के नाम पर मामला टाल दिया। लेकिन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फिनोलेक्स कंपनी के मैनेजर मयूर गौतम के बयान दर्ज कर लिए हैं। 

नपा और कंपनी के अधिकारी पहुंचे कोतवाली 

नगरपालिका के सीएमओ सीपी राय और नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा तथा फिनोलेक्स कंपनी के अधिकारी गौतम कल कोतवाली पहुंचे। बताया जाता है कि नगरपालिका और फिनोलेक्स कंपनी अपनी अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन पहले तो कोतवाली पुलिस ने ऑरिजीनल कागज मांगे और फोटो कॉपी लेने से इंकार किया जब पुलिस को ऑरिजीनल कागज दिए गए तो बताया जाता है कि टीआई ने कहा कि इस मामले में एक ही एफआईआर होगी। एक ही अपराध के लिए दो-दो एफआईआर नहीं हो सकती। सीएमओ राय ने तर्क दिया कि नगरपालिका कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में कैसे एफआईआर कराएगी। नगरपालिका फिनोलेक्स कंपनी की मालिक नहीं है नगरपालिका तो संबंधित फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कराना चाहती है। नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने पुलिस से कहा कि अभी तो आप अलग-अलग एफआईआर करें। कोर्ट में भले ही न्यायाधीश दोनों मामलों को एक कर दें, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। इससे एफआईआर का मामला लटक गया।

फिर कंपनी और नपा अधिकारी SP से मिले

इसके बाद फिनोलेक्स कंपनी और नगरपालिका के अधिकारियों ने एसपी से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि इस मामले में फिनोलेक्स कंपनी और नगरपालिका की अलग-अलग एफआईआर कायम की जाएं जबकि कोतवाली पुलिस एक ही एफआईआर कायम करने पर अड़ी हुई है। इस पर एसपी राजेश हिंगणकर ने उनसे कहा कि वह इस संबंध में एसडीओपी दोहरे के पास जाएं और कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में वह एफआईआर के लिए अधिकृत हैं। इस पर नगरपालिका कंपनी के अधिकारियों ने एसडीओपी दोहरे से मोबाइल पर बातचीत की तो उन्होंने सोमवार को सभी दस्तावेज लेकर आने के लिए कहा। 

फिनोलेक्स कंपनी पहले भी कर चुकी है पुलिस से शिकायत 

इस मामले में यह भी स्पष्ट हुआ है कि नवम्बर माह में फिनोलेक्स कंपनी के अधिकारी नगरपालिका में उनकी कंपनी की नकली केबल सप्लाई करने के मामले में एफआईआर कराने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उस समय आचार संहिता लगी होने के कारण पुलिस ने उन्हें टरका दिया तथा कहा कि चुनाव के बाद वह आएं। 

इनका कहना है-
समझ में नहीं आता कि पुलिस इस मामले में कार्यवाही क्यों नहीं करना चाहती। उस पर किसका दबाव है। लेकिन हम इस मामले में कार्यवाही से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है और पूरे प्रकरण को लेकर लोकायुक्त में जाएंगे, क्योंकि यह सिर्फ शासकीय धनराशि के दुरूपयोग का मामला नहीं है बल्कि जनता के गाढ़े पसीने की कमाई को हड़पने की साजिश है। नकली केबल के कारण शहर में क्रत्रिम पेयजल संकट गहराया हुआ है। 
अनिल शर्मा अन्नी, नपा उपाध्यक्ष शिवपुरी 

एसपी राजेश हिंगणकर ने बताया कि मैने नकली पाइप सप्लाई के मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश टीआई और एसडीओपी को दे दिए हैं, लेकिन दोनों अधिकारियों ने मुझे बताया कि फरियादी ऑरिजनल डॉक्यूमेंट नहीं दे रहा। जब तक फरियादी मूल दस्तावेज नहीं देगा तब तक एफआईआर कैसे होगी। इस मामले में पुलिस की ओर से कोई ढील पोल नहीं बरती जा रही है। 
राजेश हिंगणकर,पुलिस अधीक्षक शिवपुरी

नकली पाइप सप्लाई के मामले में आवेदन आवेदक द्वारा कोतवाली शिवपुरी में दिया गया है, लेकिन जांच के बाद इस मामले में कार्यवाही की जाएगी। 
बादाम सिंह यादव,नगर निरीक्षक शिवपुरी। 
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