यूपी ने नेताओ ने जिले में डाला डेरा, लोकल नेताओ पर होंगी पैनी नजर | Shivpuri News

शिवपुरी। कोलारस उपचुनाव के समय मिली हार के बाद से ही शिवपुरी में भाजपा संगठन की कमजोरियां उजागर हो गई थीं और अब इन कमजोरियों को दूर करने के लिए वरिष्ठ नेतृत्व ने जिले की पांचों विधानसभा सीटों के लिए कुछ वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी है। 

बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी व अन्य राज्यों से भाजपाई को शिवपुरी में भेजा गया है। यह नेता चुनावी प्रबंधन का काम शिवपुरी में देखेंगे। यूपी से आए यह वरिष्ठ नेता यहां आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में भी जुट गए हैं। 

यह नेता स्थानीय मंडल वार  पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों की बैठकें ले रहे हैं जिसमें वह भाजपा सरकार की नीतियों व विकास योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं।वही सगठन के नेताओ पर नजर रखने का भी काम कर रहे हैं। 

टिकट के टंटे में टूटे दिलो का मिलाने का प्रयास 
भाजपा में जिला संगठन के अध्यक्ष सहित दूसरे पदाधिकारियों से नाराजगी की खबरें पिछले कई दिनों से आ रही हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के शिवपुरी दौरे से पहले तो कुछ वरिष्ठ और पुराने भाजपाईयों ने मोर्चा खोलते हुए एक बैठक कर जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी को पद से हटाने की मांग की थी। 

तब से ही पार्टी हाईकमान चिंता में है कि जिले में पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा संगठन की स्थिति ठीक नहीं। इसके अलावा कई जिला पार्टी पदाधिकारी ही पांचों सीटों पर टिकट भी मांग रहे हैं इससे आपसी विरोध व मनमुटाव काफी बढ़ गया है। यह मनमुटाव आने वाले समय पार्टी के लिए संकट का कारण हो सकता है। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें मनाने का दौर भी शुरू हो गया है। 

एंटीइंकबेंसी का असर कम करने के प्रयास
15 साल से सत्ता में काबिज भाजपा को इस बार प्रदेश में एंटीइंकबेंसी का असर भी सता रहा है। जिले की पांचों सीटों पर यह असर देखा भी जा रहा है। शिवपुरी विधानसभा में विकास योजनाएं का सही रूप से क्रियान्वयन न होने पर लोगों की नाराजगी देखी जा चुकी है। सिंध जलावर्धन योजना को लेकर लोग डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक लोग धरने पर बैठे। 

इसके बाद भी सिंध जलावर्धन योजना आज तक पूरी नहीं हो पाई। लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। ऐसे में भाजपा के विकास का मॉडल कहां हैं इस पर भाजपाईयों के पास जबाव नहीं है। कुल मिलाकर इस एंटीइंकबेंसी को रोकने के लिए ही पांचों सीटों पर विशेष जिम्मेदारी वरिष्ठ भाजपा नेताओं को सौंपी गई है। 

क्या कहते हैं जिलाध्यक्ष
हमारा संगठन मजबूत है और इस बार हम जिले की पांचों सीटें जीत रहे हैं। भाजपा की प्रदेश व केंद्र सरकार की जो विकास योजनाएं हैं उन्हें हम जनता तक ले जा रहे हैं और यही हमारी जीत का आधार भी होंगी। 
सुशील रघुवंशी
जिलाध्यक्ष, भाजपा शिवपुरी
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