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सांसद सिंधिया की मर्जी से ही सपाक्स और करणी दे सका ज्ञापन, ऐसे विरोध पर खड़े हो रहे हैं सवाल

शिवपुरी। सपाक्स की हुंकार कि सांसद सिंधिया को शहर में नही घुसने दिया जाऐगा। पूर्ण रूप से विरोध होगा, काले झण्डे दिखाए जांऐंगे, लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ, पूरा सपाक्स का विरोध मैनिज हो गया। खबर यह आ रही हैं कि सपाक्स समाज और करणी सेना ने सांसद सिंधिया का विरोध किया जाऐगा। विरोध शानदार होगा, प्रेस नेाट से यही लगा था, लेकिन सपाक्स और करणी सेना विरोध तो छोडो सांसद सिंधिया की मर्जी से ही वह सांसद सिंधिया का ज्ञापन दे सके। जैसा कि विदित हैं कि आज सुबह शहर के ग्वालियर बाईपास पर सपाक्स समाज ने सांसद सिंधिया को घेरने की योजना बनाई थी लेकिन सांसद सिंधिया ने चकमा देते हुए सीधे बाईपास होते हुए बॉम्बे कोठी पर पहुंच गए।  

बॉम्बे कोठी पर आज सुबह से ही सपाक्स समाज के लोग विरोध प्रर्दशन के लिए खडे थे। सिंधिया को अपने प्रोग्राम के हिसाब से बॉम्बे कोठी पहुंचना था। सपाक्स समाज का कार्यक्रम रात में ही मैनेज सांसद सिंधिया के समर्थको ने कर दिया था इस विरोध प्रर्दशन में कल तक सपाक्स और करणी सेना साथ थी लेकिन आज नही थी। ऐसा क्येा हुआ किसी के पास जबाब नही हैं। सपाक्स और करणी के इस विरोध को सोशल मिडिया पर ट

दोनो की दूर-दूर रही, बॉम्बे कोठी पर तय शुदा कार्यक्रम के हिसाब से पहुचना ही था, रूकना ही था,सपाक्स और करणी सेना सुभाषपुरा से लेकर बॉम्बे कोठी तक बीच रास्ते में सांसद सिंधिया का काफिला रोक नही सकी, बॉम्बे कोेठी पर ही ज्ञापन दिया। ऐसा क्यों यह सवाल खडा होकर सपाक्स और करणी से पूछ रहा हैं।

बॉम्बे कोठी पर सांसद सिंधिया रूके। सपाक्स समाज ओर करणी सेना के नेताओ ने बडे ही आराम से ज्ञापन सौपा, सपाक्स समाज के कार्यकर्ताओ ने नारे लगाए सिंधिया से बात की सिंधिया ने समाज से अपील कर दी की हमारी सरकार बनाओ, जब ही हम कुछ कर सकते हैं, मैं आपके साथ हूॅ, लेकिन यह किसी ने नही पूछा कि जब संसद में काला कानून बनाया जा रहा था तब आप हमारे साथ क्यो नही थे, आज क्यो हो, अपनी सकरार बनवाने के लिए