सूखा राहत राशि के लिए भटक रहे ब्रह्मथाना गांव के किसान

बदरवास। मध्य प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही किसानों के कल्याण के लिए भावांतर, समर्थन मुल्य, सूखा राहत, हजारों योजनाएं चला रहे हो लेकिन मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी किसानों का शोषण करने से पीछे नहीं हट रहे है। मामला कोलारस तहसील के ग्राम ब्रह्मथाना मे किसान आज भी सूखा राहत राशि का इंतजार कर रहे हैं।

कौलारस तहसील प्रशासन दुवारा ब्रह्मथाना गांव की सूखा राहत राशि पूरी वितरित करने का झूठा दावा किया जा रहा है लेकिन आधे से ज्यादा किसान सूखा राहत राशि के लिए आज भी कौलारस तहसील के चक्कर लगा-लगा कर हताश हो चुके हैं कभी पटवारी के पास किसान जाते है तो वह कह देता है हमने तो लिस्ट तैयार कर भेज दी है तहसीलदार साहब जाने कब राशि डालेंगे तैहसीलदार साहब के पास किसान जाते है तो कहतें है बजट खत्म हो गया है। 

बजट आने पर राहत राशि मिल जाएगी गांव के गरीब भोले भाले किसान इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आश्वासन के बीच पिस कर हताश हो गए हैं न अधिकारी, न जनप्रतिनिधियों किसी को किसानों की परवाह नहीं है किसान पहले ही बर्बाद हो चुका है अब अति वर्षा ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खीच दी है। किसानों को अभी से चिंता सताने लगी है न जाने आगे कैसे हम अपने परिजनों का भरण पोषण कर पाएंगे ।

हमें दुदकार भगा दिया
कल्ला दांगी, रामवीर, श्रीलाल दांगी, जंगबहादुर दागीं, धर्मा जाटव, खिल्लूराम, जाटव, जगनी जाटव, सूखा जाटव, कल्याण जाटव, भौंदाराम भगगू जाटव आदि ने आरोप लगाया है कि हमें सूखा राहत राशि आज तक नहीं दी गई है तहसीलदार, एवं पटवारी के चक्कर लगाकर परेशान हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं करता हमें तैहसील से दुदकार कर भगा दिया जाता है। पटवारी शैलेन्द्र शर्मा का कहना हैं कि हमने किसानों के खातों की दूसरे नंबर की लिस्ट तैयार कर पहले ही भेज दी है अभी बजट खत्म हो गया है बजट आने पर जिले वाले जाने कब राहत राशि डालेंगें। 
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