शिवपुरी। आज जनसुनवाई में ग्राम पडारखेरा के आदिवासीयों ने अपनी व्यथा जिला पंचायत सीईओं को सुनाते हुए सरपंच के पुत्र पर दबगई सहित झूठे केस में फसाने का आरोप लगाया है। आदिवासीयों का आरोप है कि सरपंच पुत्र आए दिन उन्हें डराता धमकाता है। इतना ही नहीं जब कोई विरोध करता है तो उसे झूठाकेश दर्ज करने की धमकी दी जाती है। आज जनसुनवाई में आए ग्रामीणों ने बताया है कि ग्राम पंचायत पाडरखेडा का सरपंच पुत्र अरूण धाकड़ उनपर अत्याचार कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया है कि वह कई बर्षो से पाडरखेड़ा डूब क्षेत्र के आसपास की जमींन में खेती करते आए है। अरूण धाकड़ आए दिन वन विभाग में झूठी शिकायत कर हमारी जमींन खाली कराकर कब्जाना चाहता है। बीते कुछ दिनों पूर्व सरपंच पुत्र ने हमारी झूठी लकड़ी काटने की शिकायत फोरेस्ट में कर दी। जब फोरेस्ट की टीम ने जाकर देखा तो सरपंच पुत्र ही अपने खेत में अवैध रूप से जंगल की लकड़ी काटकर इक्कटा किए हुए था। इस मामले में फोरेस्ट ने कार्यवाही भी की है।
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में मांग की कि इनकी शिकायत पर कार्यवाही करते हुए हमें हमारी जमींन उक्त दबंग से बापिस दिलाई जाए। जिसपर जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच कराने की बात कही।
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