माईनिंग विभाग कटघरें में: रेत माफियाओं पर कार्यवाही तो नहीं की, अब राहत देने की जुगाड में माईनिंंग

शिवपुरी। अभी हाल ही में रेत माफियाओं द्वारा भिण्ड में बरफाए गए खहर की खौफनाक तस्वीरें जहन से उतरी नहीं है। शिवपुरी की मीडिया लगातार खनन-माफियाओं की खबरें प्रकाशित कर रही है। परंतु यहां का माईनिंग विभाग इस खनन माफियाओं पर पूरी तरह से मेहरवान है। हद तो तब हो गई जब माईनिंग विभाग की कार्यवाही को जिले को जिले की पुलिस ने अंजाम दिया। और माईंनिंग विभाग की टीम की जगह पुलिस ने कार्यवाही को अंजाम देते हुए करोड़ो की मशीनरी को अबैध रूप से उत्खनन करते हुए दबौच लिया। 

अवैध उत्खनन रोकने का काम जिसका है वह है माईनिंग विभाग। लेकिन जिले में यह विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय बना हुआ है। अब पुलिस को अवैध उत्खनन रोकने के लिए आगे आना पड़ा है। सप्ताह भर में दूसरी मर्तबा अवैध उत्खनन का कारोबार पुलिस ने अमोला क्षेत्र में खेरा रेत खदान पर पकड़ा है। 

इसके बाद अब माईनिंग विभाग की अफसर सोनल तोमर और इंस्पेक्टर सुजान सिंह लोधी फिर से कटघरे में है। इसके बाद भी अब जुर्माने की कार्रवाई में रेत माफियाओं को बचाने की कार्रवाई हो रही है। खेरा खदान पर पुलिस द्वारा मारे गए छापे में पकड़ गई 45 लाख रुपए की सामग्री के पहले नरवर क्षेत्र में ग्राम कटेंगरा एवं मौजपुरा में अवैध उत्खनन मिला था। 

नरवर में पुलिस द्वारा छापामार कार्रवाई में 9 अवैध उत्खननकर्ताओं के पास से 4 करोड़ रुपए की सामग्री भी जब्त की गई थी। इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी खनिज विभाग चेता नहीं। खनिज विभाग के जिम्मेदार अफसर सोनल तोमर और इंस्पेक्टर सुजान सिंह लोधी अभी अवैध उत्खनन की शिकायत के बाद भी कार्रवाई से परहेज कर रहे हैं। पुलिस द्वारा नरवर क्षेत्र के ग्राम कटेंगरा एवं मौजपुरा में कार्रवाई के बाद खेरा में रेत का अवैध उत्खनन यह बताता है कि रेत माफियाओं को खनिज विभाग का संरक्षण है। 

पर्यावरण को जितना नुकसान पहुंचाया है उस हिसाब से हो जुर्माना
नरवर के कटेंगरा एवं मौजपुरा और अमोला के खेरा में जो रेत का अवैध उत्खनन मिला है वहां पर पर्यावरण को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया गया है। ऐसे में अवैध उत्खननकर्ता पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने सहित अवैध खनन की कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना होना चाहिए। लेकिन अभी तक माईनिंग विभाग ने इन तीनों ही जगहों पर स्पॉट वेरिफिकेशन ही नहीं किया है और न ही जुर्माने की रिपोर्ट तैयार की है। अब रेत माफियाओं पर जुर्माना कम कर इन्हें बचाने की कोशिशें हो रही हैं।  

अब सूत्र बताते हैं कि जो एलएनटी, डंपर, जीपे व अन्य खनन सामग्री मिली थी उसे लेनदेन कर छोड़ा जा रहा है। जबकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने व रेत चोरी का मामला इन पर दर्ज हुआ है तो इस मशीनरी के मालिकों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। ऐसा बताया जा रहा है कि इस समय पूरा खेल सेटिंग का चल रहा है और जिले के एक अफसर ने इसमें डीलिंग करवाई है। 

माईनिंग विभाग पर कौन है मेहरबान 
रेत के अवैध कारोबार में भाजपा के कुछ नेताओं की संलिप्ता के बाद ऐसीे खबरें हैं कि भाजपा के एक पूर्व विधायक पुत्र के संरक्षण में जिले में यह कारोबार संचालित है। इसमें माईनिंग विभाग के अफसरों की संलिप्तता है। माईनिंग विभाग की महिला ऑफिसर सोनल तोमर व इंस्पेक्टर सुजान सिंह लोधी पर सत्ताधारी दल के लोगों के अलावा जिले के दो बड़े अफसरों का भी संरक्षण है इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही। खुलेआम पुलिस को दो स्थानों पर इतने बड़े अवैध उत्खनन के मामले मिले इसके बाद भी इन जिम्मेदार अफसरों पर कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब सवाल खड़ा होता है कि इस अवैध कारोबार में कोई न कोई माईनिंग विभाग को संरक्षण दे रहा है। 
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