शहर का करोडो रूपए डकार भूमिगत हुए जैन दंपत्ति की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त

शिवपुरी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बीएस दीक्षित ने भाजपा नेता आनंद जैन के बड़े भाई विनोद जैन और भाभी मीना जैन का अग्रिम जमानत का आवेदन निरस्त कर दिया है। दोनों आरोपी दंपत्ति पर फरियादी रजनी गोयल की रिपोर्ट पर कोतवाली शिवपुरी में भादवि की धारा 420/34 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। न्यायाधीश महोदय ने अपने निर्णय में लिखा है कि इस न्यायालय के विवेक से प्रार्थीगण विनोद जैन और मीना जैन को अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित प्रतीत नहीं होता है। इस मामले की एक अन्य आरोपी श्रीमति ज्योति गुप्ता पत्नि अनिल गुप्ता का अग्रिम जमानत का आवेदन पत्र न्यायालय ने पूर्व में ही निरस्त कर दिया था। 

अभियोजन के अनुसार 11.02.2013 को महाराणा प्रताप कॉलोनी शिवपुरी महल रोड़ पर स्थित एक प्लॉट 76*12 अर्थात 1216 वर्ग फुट को क्रय करने का अनुबंध श्रीमति रजनी गोयल ने श्रीमति मीना जैन से किया। सौदा 17 लाख रूपए में तय हुआ तथा ब्याने में 15 लाख रूपए की राशि दी गई। शेष राशि 2 लाख रूपए 9 मार्च 2014 तक देना तय था। 

श्रीमति रजनी गोयल ने 9 मार्च 2014 से पूर्व कई बार श्रीमति मीना जैन और उनके पति विनोद जैन से रजिस्ट्री कराने को कहा, परंतु वे टालमटोल करते रहे और उक्त प्लॉट पर स्वयं की दुकानों का उन्होंने निर्माण कर लिया। उनके द्वारा न तो रजिस्ट्री कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए। 

दिनांक 11.09.2013 को उपरोक्त प्लॉट से लगा हुआ एक 1178 वर्गफीट का प्लॉट ज्योति पत्नि अनिल गुप्ता निवासी टेकरी गली शिवपुरी से 17 लाख 60 हजार रूपए में विनोद जैन ने श्रीमति रजनी गोयल को बेचने का अनुबंध करा दिया और मुख्तयारनामा भी ज्योति गुप्ता ने श्रीमति रजनी गोयल के नाम लेख किया। 

परंतु श्रीमति ज्योति गुप्ता ने उक्त प्लॉट की रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम करा दी। इस पर कोतवाली पुलिस ने श्रीमति रजनी गोयल की रिपोर्ट पर आरोपी विनोद जैन, मीना जैन और ज्योति गुप्ता के विरूद्ध भादवि की धारा 420 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया था। 

भूमाफिया को आपराधिक न्याय प्रशासन का कोई भय नहीं
श्रीमति ज्योति गुप्ता की अग्रिम जमानत की अर्जी निरस्त करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एसबी शर्मा ने फैसले में लिखा कि शिवपुरी क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं बहुत हो रही हैं और भूमाफिया को आपराधिक न्याय प्रशासन का कोई भय नहीं है। 

आरोपियों पर धोखाधड़ी के और भी मामले हैं लंबित
आरोपी विनोद जैन और मीना जैन पर धोखाधड़ी के और भी मामले लंबित हैं। उन्होंने कोर्ट रोड़ पर स्थित एक प्लाट पर तीन मंजिला भवन बनाकर देने के लिए फरियादी शिवशंकर गोयल से 85 लाख रूपए में सौदा तय किया। लेकिन भवन बनाने के बाद उन्होंने शिवशंकर गोयल को रजिस्ट्री न कराते हुए अन्य लोगों को दुकानें बेच दी तथा श्री गोयल को उनके द्वारा ब्याने के रूप में दी गई 85 लाख रूपए की राशि भी वापस नहीं की। सर्राफ जीतमल गोयल से भी प्लाट के ब्याने के रूप में आरोपियों पर 30 लाख रूपए लेने का आरोप है। इसके अलावा भी आरोपियों से शहर के लोगों का कम से कम 10 से 12 करोड़ रूपए लेने हैं, लेकिन लंबे समय से आरोपीगण फरार बने हुए हैं। 

न्यायालय ने फरारी की उद्घोषणा की जारी 
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेेणी कामिनी प्रजापति ने आरोपी मीना जैन की फरारी की अधिसूचना पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जारी कर दी है। आरोपी मीना जैन को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए 6 जुलाई को बुलाया गया है।
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