ads

Shivpuri Samachar

Bhopal Samachar

shivpurisamachar.com

ads

मैरिज गार्डन: नियम टागें खूटी पर, अधिकारियो और मालिको का अवैध गठबंधन चर्चा में

इमरान अली कोलारस। कोलारस नगर के लगभग सभी मैरिज गार्डन अवैध रूप से चल रहे है। मैरिज गार्डन मालिको ने नियमो को अपनी रखैल पर बनाकर रख लिया है। कोलारस के अधिकारियो और गार्डन मालिको के अवैध गठबंधन की चर्चा पूरे कोलारस मेें हो रही है और इसमे सबसे बडी मजेदार बात यह है कि कोलारस नगर पंचायत ऑफिस और एसडीएम ऑफिस को यह पता नही है कि कोलारस में कितने मैरिज गार्डनो की पंजीयन हैं। 

कोलारस मुख्यालय में नगर परिषद कार्यलय में एक भी मैरिज गार्डन पंजीयन नही है। अगर है भी तो वह मैरिज गार्डन संचालन में जारी प्रशासनिक गाईड लाईन में खरा नही उतरेगा। ऐस में यहां संचालित होने वाले मैरिज गार्डन अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। 

जिसमें प्रशासन की भूमिका को लेकर तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। जिससे शासन को तो क्षति हो ही रही है। साथ ही मैरिज गार्डन के आसपास रहवासियों की नींद हराम होने के साथ साथ कई तरह के प्रदूशण का दंश झेलना पड रहा है। 

कोलारस प्रशासन पुरी तरह से सवालो के घेरे में घिरता जा रहा है। बताया जाता है। कि 2015 में प्रशासन ने हाई कोर्ट के निर्देषो के बाद कोलारस में कुछ मैरिज को बंद किया था लेकिन सील करने के कुछ दिनो बाद ही प्रशासन ने बिना किसी उचित जांच के सील किये गए मैरिज गार्डनो को खुलबा दिया था जिसमें प्रशासन कि काफी किरकिर हुई थी। और मोटी रकम लेन देन की बातें खुलकर सामने आई थी। और इनमे एक अवैध गठबधंन हो गया और जो अभी तक चल रहा हैं। 

सवालो के घेरे में कोलारस प्रशासन .  
कोलारस में अवैध रूप से चल रहे मैरिज गार्डनो का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इसी बात को लेकर लगातार खबरो के माध्यम से प्रशासन का ध्यान अवैध मैरिज गार्डनो कि तरफ खींचा जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कोलारस प्रशासन अवैध रूप से संचालित हो रहे मैरिज गार्डनो पर कार्यवाही नही पाया। जिससे प्रशासनिक मशीनरी पर सवाल खडे हो रहे है। ऐसा माना जा रहा है कोलारस के रसूखो के दबाब के वलते प्रशासन नतमस्तक हो रहा है और कार्यवाही करने से बच रहा है। 

यह है नियम 
रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निषिद्ध रहेगा। 
35 प्रतिशत एरिया में पर्किंग की व्यवस्था और होटल और पार्किग का प्रवेश द्वार अलग होना चाहिए। पर्किंग स्थल को दर्शाने वाला साइनबोर्ड भी लगाया जायेगा। पार्किए ऐरियो में गार्ड, सीसीटीव्ही कैमरे, अग्रिशामक यंत्र, मैरिज गार्डन में घरेलू गैस का उपयोग न हो। साथ ही खाना फेंकने के लिए एनजीटी के द्वारा जारी दिशा निर्देशो का पालन किया जाएगा।

एक हेक्टेयर से कम भूमि तो नहीं चल सकते मैरिज गार्डन 
मैरिज गार्डन चलाने के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए। यदि इससे कम भूमि है तो नगर में मैरिज गार्डनों का संचालन नहीं हो सकता। यह मापदंड मप्र भूमि विकास नियम 2012 के हैं, लेकिन शहर में चल रहे 90 फीसदी से अधिक मैरिज गार्डनों के पास एक हेक्टेयर से कम भूमि हैं। उसके बाद भी अवैध रूप से मैरिज गार्डनों का संचालन हो रहा है। 
Share on Google Plus

About NEWS ROOM

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.