महाराष्ट्र समाज में 135 वीं जयंती पर वीर सावरकर याद किया

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शिवपुरी। स्वतंत्रता वीर, राष्ट्र भक्त, नायक, विनायक दामोदर सावरकर को देश के तत्कालीन शासनाधीशों ने मान-सम्मान नहीं दिया। जबकि वे सच्चे अर्थों में इसके प्रबल हकदार थे। यह बात मध्यप्रदेश साहित्य परिषद के संभागीय सचिव संजय नरसिंह जोशी ने महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में वीर सावरकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित व्याख्यान माला में मुख्य वक्ता के रूप में कही। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवपुरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर लवंगीकर, विशेष अतिथि साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा मौजूद थे।

फिजीकल रोड़ स्थित गणेश मंदिर सभागार में संभागीय सचिव संजय जोशी ने आगे कहा कि देश को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराने की पहल क्रांतिवीर नायकों ने रची थी। परंतु आजादी के बाद कुछ राजनैतिक दल जो सत्ता में रहे उन्होंनें खूब अपमान किया। कभी-कभी यहां तक अनर्गल आरोप जैसे अंडमान में स्थित काला पानी की सजा के समय माफीनामा के भी लगाए गए। जबकि हकीकत उन्होंनें इस तरह कोई, पत्र नहीं लिखा। यह बात इतिहास में स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंनें कहा कि देश की वर्तमान व आने वाली पीढ़ी को उनके साहित्य कविता, नाटक, लेख, काव्य संग्रह तथा अन्य पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए, तभी वीर सावरकर की वीरता और पराक्रम से परिचित हो सकेगे।

प्रारंभ में मुख्य वक्ता नें वीर सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण व दीप जलाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अतिथियों का स्वागत महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष विनय राहुरीकर, श्रीकांत तेलंग उपाध्यक्ष महाराष्ट्र समाज ट्रस्ट, महिला मण्डल अध्यक्ष रजनी चांदोरकर, समाज कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष संतोष दर्शनी, कोषाध्यक्ष श्रीकांत नेवालकर ने किया।

कार्यक्रम का संचालन दिलीप शिधोरे व आभार विनय राहुरीकर ने व्यक्त किया। अतिथि जोशी का स्मृति चिन्ह शरद जावडेकर व डॉ. एनव्ही मुले नें भेंट किया।

इस अवसर पर व्याख्यान माला में एनएस सिंखेडकर, डॉ. प्रभाकर लवंगीकर, दिवाकर चितले, डॉ. एनव्ही मुले, शरद जावडेकर, विलास चांदोरकर, एमआर नेवासकर, संजय वांगीकर, लक्ष्मण मरकले, मधुकर शेवगांवकर, विनय राहुरीकर, दिलीप शिधोरे, आशुतोष शर्मा, संतोष दर्शनी, श्रीकांत नेवालकर, संजय सिनखेडकर, रामचन्द्र सिंखेडकर, श्रीमती नीलम जावडेकर, मधुलिका शेवगांवकर, सरिता राहुरीकर, समेत अभिषेक, आदित्य सिंखेडकर, आदि समाज बंधू उपस्थित थे।

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