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शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर: 4 बजे से सिंध के पानी से भरे हो रहे है टेंकर

शिवपुरी। दो दिन के विश्राम के बाद सिंध के पानी ने फिर शिवपुरी शहर में दस्तक दी है। लीकेज ठीक करने के बाद सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट से पानी की सप्लाई की गई और आज सुबह 4:30 बजे ग्वालियर बायपास पर सिंध का पानी पहुुंचा। यहां स्थित हाईडेंट से टैंकरों के भरने का सिलसिला शुरू हो गया और समाचार लिखे जाने तक टैंकर भरे जाने का क्रम जारी था। इसके साथ ही गांधी पार्क, पीएचक्यू लाइन, करौंदी और चीलौद संपवैल भी टैंकरों के जरिए भरी गई। वहीं हाथी खाना संपवैल भरे जाने की तैयारी है। पानी आने से शहर की जनता ने फिर राहत की सांस ली है। बताया जाता है कि पानी का प्रेशर भी पर्याप्त मात्रा में आ रहा है। 

जानकारी के अनुसार तीन महीने बाद सिंध का पानी 16 अपे्रैल को सुबह 6 बजे लीकेज समस्या से मुक्ति के बाद ग्वालियर बायपास पहुंचा। संयोग से उस दिन यशोधरा राजे सिंधिया भी शिवपुरी में थी और वह पानी आने के बाद बायपास स्थित हाईडेंट तथा गांधी पार्क संपवैल पर पहुंची। उन्होंने दोशियान से कहा कि आगे से लीकेज नहीं आना चाहिए तथा टंकियों को जोडऩे एवं पाइप लाइन डालने का काम किया जाए, परंतु यशोधरा राजे के जाते ही दोपहर 3:30 बजे मड़ीखेड़ा में डूब क्षेत्र में पाइप लाइन में लीकेज आ गया जिससे पानी की सप्लाई अवरूद्ध हुई और मोटर बंद करनी पड़ी। इस लीकेज को जब ठीक किया गया तो फिर फिल्टर प्लांट के पास पाइप लाइन फूट गई। इससे निराशा का वातावरण गहरा गया। सिंध जलावर्धन योजना में इस्तेमाल हुए पाइपों की गुणवत्ता पर प्रश्र चिन्ह खड़े हो गए और इन पाइपों को बदलने पर विचार किया जाने लगा। 

लेकिन आज सुबह 4:30 बजे ग्वालियर बायपास पर जब पानी पहुंचा तो फिर आशा का संचार हुआ। संयोग यह है कि 16 अप्रैल को जब पानी बायपास पर आया था तब भी यशोधरा राजे शिवपुरी में थी और आज भी यशोधरा राजे शिवपुरी में है। दोशियान के देवेंद्र विजयवर्गीय कहते हैं कि यह समस्याएं तो आएंगी, लेकिन धीरे-धीरे पाइप लाइन सैटल हो जाएगी और लीकेज से मुक्ति मिलेगी। 

सिंध का पानी आने से टैंकरों के भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक?
शहर में सिंध के पानी की दस्तक से टैंकर माफिया अवश्य परेशान नजर आ रहे हैं। दोशियान के देवेंद्र विजयवर्गीय कहते हैं कि सुबह से पानी चल रहा है, लेकिन अभी तक नगर पालिका के वे टैंकर नहीं आए हैं, जिन्हें प्रतिदिन 6-6 चक्करों का भुगतान दिया जा रहा है। उनके अनुसार वह यहां तो आएं उनके 6 टैंकर प्रतिदिन यहां भरे जा सकते हैं। लेकिन टैंकर न चलाकर कागजों में भुगतान लेने वाले बायपास पर क्यों आएंगे। यह तय है कि सिंध का पानी आने से टैंकरों के भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक तो रोक लगेगी। 

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