शिवपुरी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा संविधान में मांझी समाज को अनुसूचित जनजाति आरक्षण बंद करने का फरमान सुनाए जाने के बाद मांझी समाज में रोष है। इसी को लेकर बुधवार को मांझी समाज द्वारा विरोध स्वरूप रैली एवं धरना दिया। मांझी समाज द्वारा धरना प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया किया कि भारत के संविधान में क्रमांक-29 पर मांझी एवं 30 पर मझवार अनुसूचित जातिजाति की सूची में शामिल है, के बावजूद मप्र सरकार ने आज दिनांक तक हमारे संवैधानिक अधिकार को रोक रखा है तथा दिग्विजयसिंह सरकार के द्वारा मांझी समाज को बहुत सुविधाएं एवं मांझी समाज के हित में बहुत सारे निर्णय लिए गए।
संविधान का पालन करते हुए कई सारे आदेश निकाले गए जिसमें मांझी समाज के युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ किंतु वर्तमान शिवराज सरकार द्वारा मांझी समाज के विरुद्ध समय-समय पर निर्णय लिए गए। इसी क्रम में 1 जनवरी 2018 को मांझी समाज की जनजाति सुविधाओं को बंद कर दिया गया है।
इस आदेश से मांझी समाज के हजारों युवा बेरोजगार हो गए। ज्ञापन देने वालों में राजेश बाथम इंजी., रामचरण बाथम, मदन ड्रायवर, प्रीतम बाथम, नत्थालाल बाथम, परसादी बाथम, कैलाश बाथम मैनेजर, राजीव बाथम, श्रवण बाथम आदि मौजूद रहे।
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