राष्ट्रहित के लिए जात-पात की बेड़ियां तोड़नी होंगी: आचार्य मुमुक्षु

शिवपुरी। भारत देश में जातपात के बंधन के कारण आज देश की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है और इसका फायदा बाहरी ताकतें उठा रही हैं। अगर देश का हित निहित करना है तो संगठित होना अति आवश्यक है और संगठित होने के लिए हमें जातपात की बेड़ियां तोड़नी होंगी। जब तक जातपात और छुआछूत से हम आजाद नहीं होंगे तब तक देश का हित होना संभव नहीं है, क्योंकि संगठन में जो शक्ति होती है उससे बड़ी विपदाएं स्वत: ही समाप्त हो जाती हैं। यह विचार वैदिक संस्थान के नवीन भवन के शुभारंभ अवसर पर दिल्ली से आए आचार्य धर्मवीर जी मुमुक्षु ने व्यक्त किए। इस दौरान आचार्य मुमुक्षु और वैदिक संस्थान के आचार्य योगेश शर्मा वैदिक ने वृहद यज्ञ भी कराया। 

सांई बाबा मंदिर के पास संचालित वैदिक संस्थान का दायरा बढ़ाने की दृष्टि से फतेहपुर टोंगरा रोड़ पर वैदिक संस्थान के नए भवन का शुभारंभ किया गया। जहां एक भव्य आयोजन आयोजित हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आए आचार्य धर्मवीर मुमुक्षु मौजूद थे। जिनकी उपस्थिति में कार्यक्रम का आगाज किया गया। जहां सर्वप्रथम आचार्य श्री द्वारा संस्थान प्रमुख योगेश शर्मा वैदिक के साथ संयुक्त रूप से वृहद यज्ञ आयोजित हुआ। उसके पश्चात मुमुक्षु ने अपना वक्तव्य दिया और समाज को संगठित होने की उपयोगिता बताते हुए राष्ट्र को एकजुट करने के लिए लोगों से जातपात की बेड़ियां तोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा हिंदू समाज विभिन्न् जातियों में बंटा हुआ है। 

ऐसी स्थिति में किसी भी समाज की उन्नति संभव नहीं है। आज हमारे देशवासियों को धर्म और जाति से उठकर राष्ट्रहित के लिए सोचना चाहिए और संगठित होकर देश की प्रगति में अपना सहयोग देना चाहिए। कार्यक्रम में आचार्य योगेश शर्मा वैदिक ने भी अपना वक्तव्य दिया और उन्होंने आचार्य मुमुक्षु का समर्थन कर जातपात के बंधन तोड़कर संगठित होने की बात कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माता बहनों के साथ पुरुष भी शामिल थे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 12 बजे तक चला। 
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