शिवपुरी। अपनी आश्यकताओं की पूर्ति के लिए लिए गए ऋण की समय पर अदायगी ना करने पर श्रीराम फायनेंस कंपनी द्वारा माननीय न्यायालय की शरण ली और आरोपी के द्वारा ऋण ना चुकाने पर न्यायालय द्वारा आरोपी को 1 वर्ष के सश्रम कारावास व 2.30 लाख रूपये के जुर्माने की सजा से दण्डित किया गया।
मामले के अनुसार शिवपुरी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिषेक सक्सैना द्वारा धारा 138 एन.आई. एक्ट के तहत चैक बाउंस के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी राकेश पुत्र चंदन सिंह रावत निवासी ग्राम रमगड़ा तह. नरवर जिला शिवपुरी को चैक अनादरित होने पर 1 वर्ष का कारावास व 2.30 लाख रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मामले में आरोपी राकेश रावत ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी फायनेंस कंपन से लोन लिया था तथा इसकी अदायगी चैक से की लेकिन निर्धारित समयावधि बाद चैक बाउंस हो गया। जिस पर परिवादी कंपनी द्वारा न्यायालय की शरण ली। परिवादी की ओर से पैरवी दीवान सिंह, अंकुर चतुर्वेदी, पवन शर्मा व धर्मसिंह कुशवाह अधिवक्ता द्वारा की गई।
इनका कहना है
आरोपी राकेश रावत द्वारा श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी फायनेंस कंपनी से वाहन क्रं.एमपी 33 एम. 5942 पर लोन लिया था जिसका चैक बाउंस होने पर नोटिस दिया गया लेकिन राकेश रावत द्वारा कोई राशि अदा नहीं की गई तब मजबूरन न्यायालय में जाना पड़ा जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी राकेश रावत को 1 वर्ष की सजा व 2.30 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
विवेक खण्डेलवाल, शाखा प्रबंधक, श्रीराम ट्रांसपोर्ट, फायनेंस कंपनी, शिवपुरी

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