कोलारस। जिले के कोलारस नगर के श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर पर गत् 7 दिवस से चल रहे श्री सिद्धचक्र विधान का समापन हवन पूर्णाहुतियों के साथ सम्पन्न हुआ। यह विधान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुव्रतसागर जी महाराज के सान्निध्य में हुआ है। जानकारी देते हुए अतुल जैन (छोटा), अंकित जैन ने बताया कि यह विधान मुनि श्री सुव्रतसागर जी महाराज के हस्तकमलों द्वारा लिखित विधान है विधान के समापन के उपरान्त एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया।
इस शोभा यात्रा में भगवान को तीन रजत पालकियों में विराजमान कर श्रीचन्द्रप्रभ् दिगम्बर जैन मंदिर से नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए ए.बी. रोड स्थित पाश्र्वनाथ उद्यान (उत्सव वाटिका) में ले जाया गया।शोभायात्रा बैण्डबाजे, दिव्यघोष, शहनाई, घोड़े, बग्गियों पर सवार इन्द्र-इन्द्राणियों से सुशोभित हो रही थी। शोभायात्रा में दो झांकियों कमठ का उपसर्ग एवं श्री सम्मेख शिखरजी की यात्रा का अदभुत चित्रण देखने को मिला।
शोभायात्रा में सभी वर्ग के लोग आनन्द पूर्वक शामिल हुए एवं नगर में द्वार-द्वार पर भगवान की पालकियों के सामने आरती एवं रंगोलियाँ सजाईं गईं। शोभायात्रा के उत्सव वाटिका पहुचने के उपरान्त भगवान का अभिषेक एवं पूजन किये गये इसके उपरान्त मुनिश्री सुव्रतसागर जी महाराज के मंगल प्रवचनों लाभ सभी को मिला। कार्यक्रम के समापन के उपरान्त समाज का सहभोज हुआ।
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