सिंध योजना में अडंगा लगा रही है नपा, नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष दे इस्तीफा: हरीओम राठौर

शिवपुरी। अपने ही नाम की सुध-बुध खो चुकी सिंध परियोजना तो अभी तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकी परंतु इस योजना ने अच्छे-अच्छे महारथीयों को खून के आंसू रूला दिए। आज इस मामले में फिर नई राजनीति उभर कर सामने आई है कि भाजपा नगर महामंत्री और नपा में पराजित प्रत्यासी हरिओम राठौर ने आज नपा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग की है। हरिओम राठौर ने आज तक सिंध परियोजना न आने का ठींकरा अब नपा पर फोड़ दिया। 

प्रेस को जारी बयान में भाजपा नेता हरिओम राठौर ने कहा कि हाल ही में अपने निर्र्वाचन क्षेत्र शिवपुरी के दौरे पर आईं यशोधरा राजे सिंधिया ने जलावर्धन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सिंध का पानी जून माह तक शिवपुरी में आ जाएगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो दोशियान कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। 

लेकिन नगर पालिका परिषद की बैठक में नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने एक साल तक सिंध का पानी शिवपुरी नहीं आने की बात कर जनता का मनोबल गिराने का कार्र्य किया है। जबकि सिंध जलावर्धन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी स्वयं नगर पालिका है। श्री राठौर ने वर्र्तमान नपा प्रशासन पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि इस परिषद का विकास कार्र्यो में कोर्ई योगदान नहीं है। 

नगर पालिका के अभी तक जो विकास कार्य हुए हैं वह यशोधरा राजे की देन है। सिंध जलावर्धन योजना के क्रियान्वयन के लिए भी वह पूरी ताकत से लगी हुई हैं, लेकिन कांग्रेस शासित नगर पालिका उनके कार्यो में अडंगे लगाने का कार्य कर रही है। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है तथा रात्रि में कॉलोनियों में स्ट्रीट लार्ईट न जलने से अंधेरा छाया रहता है। 

ग्रीष्म ऋतु में शहर में मच्छरोंं की भरमार है, लेकिन नगर पालिका द्वारा नालियों की सफाई और डीडीटी छिडक़ाव का कोर्ई कार्र्य नहीं किया जा रहा है। नगर पालिका कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार का अड्डा बनी हुई है। श्री राठौर का आरोप है कि एक साल तक सिंध का पानी शिवपुरी न आने की बात कहकर नपा प्रशासन करोड़ों की पार्ईप खरीद को जायज ठहराने का कार्य कर रहा है। 
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