सेंलिग क्लब और छत्री देखने पहुॅची शुभकंराश्रीजी

Updesh Awasthee
शिवपुरी। शिवपुरी में चातुर्मास कर धर्म की गंगा बहाने वाली नवकार जपेश्वरी साध्वी शुभंकराश्रीजी म.सा. अपनी शिष्याएं धर्मोदया श्रीजी एवं ज्ञानोदयाश्रीजी म.सा. सहित छत्री, भदैयाकुण्ड एवं सैलिंग क्लब भ्रमण के लिए पहुंची। साध्वी रत्न के साथ शिवपुरी भक्त मण्डल भी था जो उन्हें इन पर्यटक स्थलों की जानकारी दे रहा था। साध्वी रत्न द्वारा इन पर्यटक स्थलों के साथ-साथ उनके जुड़ी पुरानी गाथाओं की भी जानकारी ली। साध्वी रत्न जब छत्री पहुंचा तो छत्री ट्रस्ट प्रबंधक अशोक मोहिते द्वारा साध्वी जी को नमन करते हुए उनका स्वागत सत्कार किया। 

जैन श्वेता बर मूर्तिपूजक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष तेजमल सांखला ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष से साध्वी रत्न शिवपुरी में विराजमान है। साध्वी जी द्वारा चातुर्मास में नवकार दरबार लगाकर धर्म प्रभावना को बढ़ाया गया था। एक वर्ष से लगातार शिवपुरी में कुछ न कुछ धार्मिक कार्यक्रम किये जा रहे हैं। 

पिछले दिनों 48 दिनों का भक्ता बर पाठ का भी आयोजन हुआ था जिसका बड़े ही हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। साध्वी जी द्वारा विगत कई दिनों से यह इच्छा व्यक्त की जा रही थी कि उन्हें इस पर्यटन नगरी शिवपुरी के पर्यटक स्थलों को देखना है। चूंकि साध्वी जी का अगला चातुर्मास ग्वालियर में होना निश्चित हुआ है और लगभग एक सप्ताह के अंदर उनका बिहार निश्चित है इसी भावना को देखते हुए कल भक्त मण्डल सहित साध्वी मण्डल पर्यटक नगरी के पर्यटक स्थल भदैयाकुण्ड, छत्री, वाणगंगा एवं सैलिंग क्लब को देखने पहुंचा। 

पर्यटक स्थलों को देखने के लिए प्रात: 5 बजे पैदल पूरा संघ सबसे पहले सैलिंग क्लब पहुंचा जहां साध्वी जी ने सैलिंग क्लब और उससे जुड़ी गाथाओं की जानकारी ली इसके बाद भदैयाकुण्ड, वाणगंगा होते हुए यह कारवा छत्री पहुंचा, जहां शुभंकराश्रीजी म.सा. की चरण वंदना छत्री ट्रस्ट के प्रबंधक अशोक मोहिते द्वारा की गई। अशोक मोहिते ने छत्री के बारे में विस्तृत जानकारी साध्वी जी को दी और उनके रुकने का प्रबंध किया।

 छत्री पर पहुंचकर साध्वी जी ने अपनी प्रवचन शैली में कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्यटक स्थल होते हैं वह क्षेत्र बहुत आबाद होते हैं। हमें अपने इन पर्यटन क्षेत्रों का हमेशा याल रखना चाहिए और जब भी हम इन क्षेत्रों को देखने पहुंचे तो इस बात का जरूर याल रखें कि हमसे कोई जीव हत्या न हो। जिन क्षेत्रों में वन्य प्राणी विचरण करते हैं वे क्षेत्र प्रकृति की असीम अनुकंपा प्राप्त करते हैं। साध्वी मण्डल के साथ पहुंचे भक्त मण्डल द्वारा छत्री पर मनोरंजन ज्ञानवर्धन हाउजी खेल का आयोजन भी किया गया जिसमें जीतने वाले प्रतिभागी को समाज अध्यक्ष दशरथ मल सांखला द्वारा पुरस्कार वितरण भी किये गये। बच्चों ने इस यात्रा में भरपूर आनंद लिया।
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