शिवपुरी। गर्मी बढने के साथ ही जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की सं या में इजाफा हुआ है। रोजाना 200 से ज्यादा मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज अधिक है। इसका कारण दूषित पानी और खाद्य पदार्थ को बताया जा रहा है। बुजुर्ग व बच्चों पर ज्यादा असर पड़ रहा है।
बुधवार को अस्पलाल में उल्टीए दस्त व बुखार के मरीजों की काफी सं या देखी गई। शहर में खुले में सामग्री बिक रही है। नपा व खाद्य एवं औषधि विभाग ने अभी तक एक भी कार्रवाई नहीं की है। जबकि मार्च के अंतिम दिनों से ही कार्रवाई करना जरूरी है। नपा के स्वास्थ्य अधिकारी व खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा. दूषित खाद्य सामग्री नहीं बिकने दी जाएगी।
सड़े-गले फल-सब्जी या अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट करने के लिए अभियान चलाएंगे। लगातार धूप में रहने या गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी आ जाती हैए ऐसे में उल्टी-दस्त की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना आवश्यक है। साथ धूप में निकलने से पहले चेहरे को कपड़े से ढंक ले। ताकि लू न लग सके।
जिम्मेदार कितने सजग, खुले में बिक रही सामग्री
नगर पालिका और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग खाद्य पदार्थों के नमूने लेने का काम जरूर कर रहा है लेकिन अब तक खुले में बिक रही खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही खाद्य सामग्री को बेच रहे दुकानदारों को पहले भी समझाइश नहीं दी जा रही है।
उल्टी-दस्त के कारण
शरीर में पानी की कमी के साथ ही गर्म होना भी है। सिर पर बिना केप या कपड़े बांधे धूप में अधिक घूमना। बासी खाद्य पदार्थ का सेवन। बीमार व्यक्ति के संपर्क में आना।
यूं बच सकते हैं
पानी व पेय पदार्थों का सेवन करे। ज्यादा देर तक भूखे न रहे।खुली खाद्य सामग्री नहीं खाएं। ओआरएस का घोल लें। गर्मी घर से बाहर निकलते समय चेहरे को ढंक लें।