शिवपुरी। शहर सहित अंचल भर में शुक्रवार को हनुमान जयंती मनाई जाएगी इस बार नक्षत्र व योग के लिहाज से हनुमान जयंती कुछ खास है हनुमान जयंती पर तीन विशेष योग बनने के अलावा हनुमान जयंती का आयोजन चंद्रग्रहण मुक्त योग में होगा।
22 अप्रैल चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाई जा रही हनुमान जयंती में बज्र योग, सिद्घि योग और राजयोग बनने के साथ ही सूर्य, शुक्र उच्च के होंगे, जबकि सिंह राशि में गुरु एवं चंद्र व सूर्य की परस्पर दृष्टि बन रही है, यह विशेष योग 12 साल बाद हनुमान जयंती पर बन रहा है।
2013 से लगातार हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के योग बन रहे थे, लेकिन इस बार हनुमान जयंती का आयोजन चंद्रग्रहण मुक्त योग में होगा, जिसके कारण पूजा अर्चना में कोई बाधा नहीं आएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णुदत्त शर्मा के अनुसार हनुमान जयंती पर बज्र योग चित्रा नक्षत्र में सुबह 6 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर अगले दिन स्वाति नक्षत्र में सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगा शुक्रवार सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर सूर्योदय है इसी समय भगवान हनुमान का जन्म माना गया है।
सिद्घि योग शुक्रवार सुबह 10 बजकर 41 मिनट से शाम 5 बजकर 37 मिनट तक तथा राजयोग सूर्योदय से दोपहर 3 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके साथ ही उच्च के सूर्य, उच्च के शुक्र एवं सिंह राशि में गुरु तथा चंद्र व सूर्य की परस्पर दृष्टि भी बन रही है।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भगवान हनुमान का अवतरण दिवस मनाया जाता है इस दिन हनुमान की प्रतिमा पर चोला चढाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं संवत्त 2073 का राजा शुक्र होने से हनुमान जयंती पर पूजन करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती पर सरोवर व नदियों में स्नान और दान करने का विधान है इससे लाभ का योग बनता है, साथ ही इस दिन रामायण का पाठ, भजन कीर्तन जैसे धार्मिक कार्य सुख समृद्घि प्रदान करने में सहायक होगा अंचल भर में 50 से अधिक प्राचीन हनुमान मंदिर हैंए जहां हनुमान जयंती की तैयारियां शुरू हो गई हैं।