शिवपुरी। विगत फरवरी माह में मोहन सिंह जाटव की आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच के बाद आत्महत्या मामले में मृतक की पत्नि और उसके ससुर के खिलाफ धारा 306,34 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
जांच में पुलिस को ज्ञात हुआ कि मृतक के साथ उसके ससुर ने मारपीट की और उसकी पत्नि को ससुराल आने से रोका था। इस कारण मृतक ने जहर का सेवन कर लिया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
विदित हो कि 15 फरवरी को मृतक मोहनसिंह पुत्र पहलूराम जाटव निवासी ग्राम रहगवां करैरा अपनी पत्नि लक्ष्मी जाटव को ससुर द खूराम जाटव के बुलावे पर उसे ससुराल लेकर गया था जहां मृतक मोहन सिंह अपनी पत््िरन और ससुर को लेकर पत्नि का फार्म भरवाने के लिए पिछोर लेकर गया।
इसके बाद तीनों लौटे और ग्राम पिपारा में स्थित ससुराल में मृतक रूक गया। 16 फरवरी को मोहन ने लक्ष्मी को घर ले जाने के लिए अपने ससुर द खूराम जाटव से अनुमति मांगी तो आरोपी द खू जाटव ने लक्ष्मी को पहुंचाने से इन्कार कर दिया। इस बात को लेकर ससुर और दामाद के बीच मुंहबाद हो गया।
जिस पर ससुर ने दामाद की पिटाई लगा दी। इस पूरी घटना के दौरान लक्ष्मी ने पति का कोई पक्ष नहीं लिया। जिससे वह नाराज हो गया और वापस अपने घर लौट आया जहां उसने जहर का सेवन कर लिया। जिसे स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। इलाज के दौरान मोहन ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम किया और मृतक के पिता, माँ, बहिन, चाचा, चाची के बयान लिये। जहां मृतक के परिजनों ने उसके ससुर और पत्नि के खिलाफ बयान दिये।
जिस आधार पर पुलिस ने दोनों पिता पुत्री द्वारा मोहन को आत्म हत्या करने के लिए प्रेरित करने का आरोपी मानते हुए उन पर आत्महत्या उत्प्रेरण का मामला दर्ज कर लिया।

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