शासन की रीढ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पदनाम बदलने की मांग

0
शिवपुरी. बिटिश शासनकाल से प्रचलित गुलामी के प्रतीक चपरासी, भृत्य, माली, चौकीदार आदि विभिन्न संबोधन से पहचाने जाने वाले चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के शासकीय सेवकों के पदनाम बदलने की मांग राज्य शासन के मुखिया मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ ने पुन: दोहराई है। 

संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि लोक सेवकों के पदीय नाम परिवर्तित करने की श्रंखला में शिक्षाकर्मी, पंचायतकर्मी कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग आदि को वाजिब स बोधन से मुक्त पदनाम दिये गए। 

शासन की रीढ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आज भी आला अफसर अबे-तबे की भाषा से ही बुलाते है। संविधान में प्रत्येक को स मान पूर्वक जीवन यापन करने का प्रावधान निहित है। 

फिर भृत्यों के साथ इस तरह का भेदभाव अनुचित प्रतीत होता है। जिसे शासन द्वारा तत्काल बदला जाना चाहिये। मांग करने वालों में मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री नरेन्द्र व्यास, महेश सविता, अरविन्द कुमार जैन, नारायण सिंह, भग्गूराम करौसिया, संतोष रजक, अनरसिंह धानुक आदि हैं।
Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!