शिवपुरी। जिले के जनपद पंचायम शिवपुरी की एक ग्राम पंचायत के एक गांव में एक ऐसी जमीन का पट्टा कागजो में हेराफरी कर दिया जिस पर वर्षो से आदिवासी बस्ती,शासकीय स्कुल,हैंडपंप और पंचायत द्वारा बनाई गई कुटीर है। बताया गया है यह पट्टा खदान माफियाओ के दबाब के आगे प्रशासन ने दिया है।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत शिवपुरी के ग्राम पंचायत मोहनगढ़ के ग्राम अर्जुनगंवा कलां में वर्षो पुरानी आदिवासी बस्ती है इस बस्ती में कई पीढिय़ो से आदिवासी परिवार निवास कर रहे है। और इसी बस्ती के पास ही सरकारी स्कुल,हैडंपपं ओर पंचायत द्वारा कुटीर भी है।
परन्तु प्रशासन के नुमाईदो से मिली भगत कर इस जमीन का पट्टा कर दिया गया है। इस आदिवासी बस्ती में रहने वाले आदिवासीयो ने सहरिया क्रांति के माध्यम से कलेक्टर को एक ज्ञापन सौपा है इस आवेदन के माध्यम से उन्होने बताया है कि हम कइ वर्षो से इस जमीन पर आदिवासी परिवार निवास कर रहे है इसी जमीन पर शासकीय स्कुल और पंचायत द्वारा बनाई गई कुटीर भी बनी है फिर भी इस जमीन का पट्टा आजाद खान पुत्र दिलशाद खान के नाम पर हो गया है
ग्राम अर्जुनगंवा कलां के आदिवासी परिजन जालम सिंह, कैलाश, रामचरण, मोटा, शिवदयाल, रामदास, बृखभान, बाड़कऊ आदि सहित ग्राम पंचायत मोहनगढ़ के सरपंच बलन्दर कौर ने लिखित रूप से इन ग्रामीणों को प्रमाणीकरण देकर यह स्पष्ट किया है कि ग्रामवासी बीते लंबे अर्से से ग्राम अर्जुनगवां में निवास करते है।
जिसमें शासकीय स्कूल, सरकारी हैण्डपंप, चौपाल व कुटीरें भी मौके पर बनी हुई है ऐसे में यहां ग्रामीणों का स्थायित्व मौजूद है बाबजूद इसके यहां जबरन इन आदिवासी परिवारों को बेदखल करने की योजना बनाई जा रही है और इन्हें धमकाया जा रहा है कि वह ग्राम खाली कर दे।


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