शिवपुरी। ग्राम कोटा में भूमि सर्वे क्रमांक 187/3 का सीमांकन एक माह पूर्व किया गया था इस कृषि भूमि पर एक अन्य सरदार किसान ने दबंगाई दिखाते हुए शासन-प्रशासन के कार्य में बाधा पहुंचाने का कार्य किया और शासकीय अधिकारियों द्वारा किए गए सीमांकन के चिह्नित निशान लगाए गए थे उन्हें इस दबंग सरदार किसान व उसके पुत्र ने मिलकर हटा दिए। इस मामले की शिकायत कृषि भूमि के स्वामी ने एक बार फिर से पुलिस व जिला प्रशासन को की है।
बताना होगा कि बीती 6 जून 2015 को राजस्व विभाग के आर.आई. व पटवारी ने झांसी रोड़ स्थित ग्राम कोटा में 4 बीघा भूमि सर्वे क्रमांक 187/3 का सीमांकन कराने के लिए ओमप्रकाश धाकड़ पुत्र सवाई लाल धाकड़ निवासी ग्राम कोटा ने आवेदन किया था।
जिस पर जब यहां प्रशासन की टीम पहुंची तो तीन जगहों का सीमांकन किया गया लेकिन जिस जगह दबंग सरदार जगदीश सिंह व उसके पुत्र मंजीत सिंह ने कब्जा कर रखा था वह भूमि सर्वे क्रं.187/3 ओमप्रकाश धाकड़ की थी।
यहां मौके पर आए आर.आई. व पटवारी ने जब सीमांकन किया तो सभी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया और यहां सीमांकन को लेकर चिह्न भी गाड़ दिए गए। लगभग एक माह ही बीता हआ था कि तभी गत दिवस सरदार जगदीश सिंह व उसके पुत्र मंजीत ने मिलकर इस भूमि पर लगाए गए सीमांकन के चिह्नों को मिटा दिया।
इस तरह शासकीय कार्य में बाधा डालने का काम इस सरदार व उसके पुत्र ने किया है। इस मामले की शिकायत ओमप्रकाश ने पुन: तहसीलदार व जिला प्रशासन को की है। मामले में न्याय की गुहार लगाकर शीघ्र सीमांकन की ाूमि पर कब्जा दिलाए जाने की मांग ओमप्रकाश ने जिला प्रशासन व राजस्व विभाग से की है।
बताया जाता है कि इस भूमि के सीमांकन चिह्न मिटाने के बाद सरदार ने पूरी भूमि पर अवैध रूप से खेती करना भी शुरू कर दिया है और धान की फसल बो दी है। हालांकि इस मामले की शिकायत पटवारी को भी कर दी गई है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।