शिवपुरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजुली पालो ने रिश्वत लेने के मामले में एक तहसीलदार सहित लिपिक को ढाई ढाई साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है अभियोजन की ओर से पैरवी अभियोजक पीके श्रीवास्तव, श्रीकांत गोरे, हजारी लाल बेरबा ने की।
भौंती निवासी राजीव उर्फ राजे वर्ष 2012 में वसीयत के अनुसार नामांतरण के लिए उपतहसील भौंती पहुंचा वहां पदस्थ लिपिक विक्रम पुत्र टंडे केवट ने राजीव से नामांतरण के एवज में दस हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
मामले की शिकायत राजीव ने लोकायुक्त पुलिस को दर्ज कराई शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने 25 मई 2012 को विक्रम को दस हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया विक्रम ने अपने बयानों में बताया कि उसने रिश्वत उपतहसील के तहसीलदार शैलेन्द्र कुमार राय के कहने पर ली थी इस पर लोकायुक्त पुलिस ने तहसीलदार शैलेन्द्र कुमार राय को भी मामले में आरोपी बनाया।
पुलिस ने विवेचना उपरांत मामला सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचारण उपरांत न्यायाधीश ने आरोपी तहसीलदार शैलेन्द्र कुमार राय व लिपिक विक्रम केवट को ढाई ढाई साल के कारावास एवं तीन तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

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