अब सिंधिया के सहारे कांग्रेस

shailendra gupta
शिवपुरी। नगरपालिका चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जहां प्रदेश सरकार की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का रोड शो हो चुका है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आमसभा को संबोधित कर चुके हैं।

उनकी तुलना में कांग्रेस का प्रचार अभियान स्थानीय नेताओं तक सीमित है और अभी तक किसी भी बड़े नेता की आमसभा या रोड शो नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में नपाध्यक्ष पद के कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल कुशवाह और पार्षद पदों के प्रत्याशियों की आशाएं 29 नवंबर को स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के रोड शो और आमसभा पर केन्द्रित है। मुकाबले में बने हुए एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी छत्रपाल सिंह गुर्जर अपने प्रचार में कांग्रेस और भाजपा तथा खास तौर पर महल को निशाना बना रहे हैं।


नपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल कुशवाह का प्रचार सबसे पहले शुरू हुआ। इसका एक कारण तो यह था कि वह टिकट के प्रति निश्चिंत थे और दूसरा कारण यह था कि पार्टी ने उनकी उ मीदवारी जल्द घोषित कर दी थी। इस कारण श्री कुशवाह अपने प्रचार में व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दे रहे हैं और प्रचार के जल्द शुरू होने के कारण उन्होंने नुक्कड़ सभाएं भी शुरू कर दी हैं। यह बात अवश्य सत्य है कि उनका गणित कांग्रेस के बागी प्रत्याशी रामजीलाल कुशवाह गड़बड़ा रहे हैं।

लेकिन इसके बाद भी जातिगत समीकरण उनके अनुकूल हैं। प्रतिष्ठित सांवलदास गुप्ता परिवार का लाभ भी उन्हें मिलता दिख रहा है। प्रचार का सहज ढंग उनकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को डावाडोल कर रहा है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि पिछली नगरपालिका में भाजपा का जो प्रदर्शन रहा उसका उन्हें लाभ मिलेगा। श्री कुशवाह बताते हैं कि वह सभी वार्डों में जन संपर्क कर चुके हैं और उन्हें अच्छा रिसपोंस मिल रहा है। जहां तक भाजपा प्रत्याशी हरिओम राठौर का सवाल है तो उनका टिकट अंतिम क्षण में तय हुआ।

टिकटों की लड़ाई में वह मुकाबले से बाहर थे और सूत्र बताते हैं कि तीन प्रत्याशियों के पैनल में हरिओम का नाम नहीं था। लेकिन आमसहमति के उ मीदवार के रूप में उनकी लॉटरी खुली। उनकी सबसे बड़ी ताकत सजातीय जाति के समर्थन की है। चुनाव में राठौर समाज के तीन अन्य उ मीदवार मैदान में थे, लेकिन धीरे-धीरे तीनों मुकाबले से हट गए और उन्होंने अपना समर्थन हरिओम राठौर को दे दिया। मु यमंत्री की सभा और यशोधरा राजे के रोड शो से उन्हें संबल मिला है।

श्री राठौर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक प्रचार अभियान में व्यस्त हैं और इस दौरान वह जनसंपर्क से लेकर व्यक्तिगत स्तर पर भी मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन भाजपा सूत्र बताते हंै कि अभी उन्हें काफी मेहनत करने की जरूरत है। जिस तरह से मुन्नालाल का प्रचार घर-घर तक पहुंच गया है उसके लिए श्री राठौर को आने वाले चार-पांच दिन में कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। निर्दलीय प्रत्याशी छत्रपाल सिंह गुर्जर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

खासतौर पर वह तथा उनके समर्थक अपने प्रचार में महल को निशाना बना रहे हैं। नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल की तारीफ कर वह छत्रपाल सिंह के कथित सावरकर मॉडल के आधार पर वोट मांग रहे हैं। उनकी नुक्कड़ सभाएं भी शुरू हो चुकी हैं। श्री गुर्जर और उनके समर्थक जगमोहन सिंह सेंगर का इतिहास पुन: बनाने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन सफलता मिलेगी या नहीं इसका जवाब समय ही देगा। लेकिन तय है कि शिवपुरी में मुकाबला काफी रोचक दिख रहा है और सवाल यही है कि वही पुरानी कहानी दोहराई जाती है या एक नया इतिहास बनेगा।



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