नपा चुनाव: तीसरा मोर्चा बनाने की जुगाड अशोक ठाकुर

शिवपुरी। नपा चुनाव में माग रहे दावेदारो ने टिकिट ना मिलने से खफा होकर निर्दलीय नामांकन भरने वालो की कमान संभालने में अशोक ठाकुर जुट गए है, या यू कह लो कि निर्दली एक होकर तीसरा मोर्चा बनाने की जुगाड में है और इसकी जुगाड में लग गए है अशोक ठाकुर।

 नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस और भाजपा द्वारा उ मीदवारों की घोषणा के बाद दोनों दलों में विरोध शुरू हो गया है भाजपा से टिकट मांग रहे माणिकचंद राठौर, हरज्ञान प्रजापति और हेमंत ओझा ने जहां निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का शंखनाद किया है वहीं कांग्रेस टिकट से वंचित अशोक ठाकुर, छत्रपाल गुर्जर और पदम चौकसे ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।

श्री ठाकुर ने बताया कि वह टिकट न मिलने की स्थिति में छत्रपाल गुर्जर और पदम चौकसे से बातचीत कर तीसरा मोर्चा बनाएंगे और इस मोर्चे का एक प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरेगा। प्रत्याशी का चयन आपसी सहमति से किया जाएगा। वहीं कांग्रेस टिकट मांग रहे रामजीलाल कुशवाह भी चुनाव लडऩे के लिए तत्पर दिख रहे हैं।

अशोक ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि अभी भी कांग्रेस आला कमान अपने निर्णय पर विचार कर उन्हें प्रत्याशी बनाएगा, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह शहर के विकास के लिए सभी के सहयोग के साथ चुनाव लड़ेंगे। लेकिन उनका मकसद चुनाव लडऩा नहीं, बल्कि शहर का कायाकल्प करना है।

उन्होंने कहा कि अभी तक जो भी नपाध्यक्ष बना उसने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। शिवपुरी की आज सबसे खराब हालत है। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। उड़ती धूल के कारण जहां बीमारियां फैल रही हैं। वहीं व्यापार और व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। सिंध परियोजना वर्षों बाद भी लटकी हुई है। इनसे निजात दिलाने के लिए ही वह चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। वह अब भी श्री सिंधिया से टिकट की गुहार कर रहे हैं और उन्हें  निर्णय पर पुर्नविचार का आश्वासन भी दिया गया है।

लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके पास निर्दलीय रूप से चुनाव लडऩे के विकल्प हैं। जब उनसे कहा कि टिकट से वंचित छत्रपाल गुर्जर और पदम चौकसे भी चुनाव लडऩे का मन बना रहे हैं तो श्री ठाकुर का जबाव था कि मैं स्वयं दोनों से चर्चा करूंगा और आपसी सलाह मशबरे के बाद जिसकी भी उ मीदवारी सशक्त लगेगी उसे हम सब मिलकर चुनाव लड़ाएंगे। फॉर्म भरने के बाद छत्रपाल गुर्जर के तेवर भी काफी आक्रामक थे।

उन्होंने कहा कि मैं सावरकर पार्क की खुशबू पूरे शहर में बिखेरना चाहता हूं। इसलिए चुनाव लडऩे का आकांक्षी हूं। उन्होंने दुखी स्वर में कहा कि कांग्रेस में जनाधार विहीन लोगों की उपेक्षा हो रही है और ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया गया है जो पिछले नगरपालिका चुनाव में पार्षद पद के लिए भारी बहुमत से पराजित हुआ है। टिकट न मिलने से नपा के पूर्व उपाध्यक्ष पदम चौकसे भी काफी उदास हैं। हालांकि उन्होंने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। अपनी तीखी प्रतिक्रिया में रामजीलाल कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस ने एक कांग्रेसी नेता के नौकर को टिकट दे दिया। मैं निर्दलीय चुनाव लडूंगा।


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