शिवपुरी। पिछले तीन वर्ष पहले अपने परिजनों से बिछड़ा सात वर्षीय बालक जंगलों के रास्ते भटकते हुए शिवपुरी आ गया। जिसे पिछले तीन दिनों से एक होटल संचालक अपने पास रखकर उसकी देखरेख कर रहा है।
साथ पुलिस को भी सूचित कर दिया है, लेकिन उक्त बालक सही ढंग से अपने परिजनों की जानकारी नहीं दे पा रहा है। हालांकि अपने माता-पिता और गांव का नाम वह बता तो रहा है, लेकिन उसकी भाषा लोगों को ठीक ढंग से समझ में नहीं आ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दो दिन पहले पोहरी बायपास पर स्थित गुलमोहर होटल के संचालक गौरव शर्मा को एक सात वर्षीय बालक सड़क के किनारे खड़ा दिखा। जिससे उन्होंने पूछताछ की तो उसने अपना नाम अमलाल पुत्र रताजी निवासी कोटा राजस्थान के गांव मोघामनपुरा बताया और उसने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से अपने परिवारजनों से बिछड़ गया है और वह जंगल के रास्ते यहां पहुंचा है, लेकिन बच्चे की उम्र कम है और उसकी भाषा भी बड़ी मुश्किल से समझ में आ रही है। हालांकि होटल संचालक गौरव शर्मा ने उसके भटकने की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दे दी है और उसकी देखरेख शुरू कर दी है।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।