जमानत पर बाहर आते ही हत्या करने जा पहुंचा बदमाश

shailendra gupta
शिवपुरी-बदले की आग में व्यक्ति प्रकार से मानवीय संवेदनाओं को भूल जाता है यह गत दिवस देखने को मिला। जहां स्वयं अपनी ही पत्नी व बेटी की हत्या को अंजाम देने वाला आरोपी गत दिवस जमानत पर छूटकर जेल से बाहर आया था कि तभी बदले की आग उसके सीने में जल उठी और वह अपना बदला लेने के एक महिला के घर जा पहुंचा जहां घर में मिली महिला पर जाते ही फायरिंग कर दी लेकिन महिला ने दरवाजा बंद कर लिया तो हमलावार का हमला विफल हो गया।

इतने में तुरंत उस महिला ने पुलिस को सूचित किया जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मय पुलिस बल आरोपी को पकडऩे महिला के घर के आसपास पहुंची जहां आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यह घटना अमोला थाना क्षेत्र में घटित हुई। पुलिस ने इस मामले में हमलावर के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित आम्र्स एक्ट से तहत मामला कायम कर उसे ग्राम छान में गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त किया गया कट्टा और दो जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। महिला के पति की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास भोग रहा आरोपी एक पखवाड़े पहले ही जमानत पर रिहा होकर लौटा था। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राजेन्द्र पुत्र विजय भदौरिया उम्र 45 वर्ष निवासी मिथलोनी हाल निवासी कमलागंज शिवपुरी ने 25 मई 2008 को गांव में हुए जमीनी विवाद को लेकर पीडि़ता लक्ष्मी सिसौदिया के पति हनुमत सिंह की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इससे पहले राजेन्द्र ने सन् 1998 में अपनी पत्नि और बच्चियों की भी कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर चुका था और हत्या के इस मामले में गवाहों के अभाव के चलते न्यायलय से बरी भी हो चुका था। 

इसके बाद हनुमत सिंह की हत्या के मामले में उसकी पत्नि लक्ष्मीबाई द्वारा न्यायालय में दिए गए बयानों के आधार पर न्यायालय ने राजेन्द्र को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसके बाद राजेन्द्र ने अपने मन मे लक्ष्मी को मारने की भी योजना बना रखी थी। राजेन्द्र ने पिछले महीने हाईकोर्ट में अपील की और हाईकोर्ट ने उसको जमानत दे दी। इसके बाद हत्यारा राजेन्द्र महिला से बदला लेने के लिए उसके गांव में जा पहुंचा और उसने मृतक हुनमंत सिसौदिया की पत्नि और उसकी दूसरी पत्नि को निशाने पर ले लिया और वह 26 और 27 की रात्रि करीब साढ़े 12 बजे लक्ष्मी के घर पर पहुंच गया और दरबाजा बजाना शुरू कर दिया। 

दरबाजे की आवाज सुनकर लक्ष्मी ने जैसे ही दरबाजा खोला वैसे ही राजेन्द्र ने 315 बोर के कट्टे से लक्ष्मी पर दो फायर झोंक दिए, लेकिन लक्ष्मी की सूझबूझ के कारण वह इन फायरों से बच गई और मौका पाकर लक्ष्मी ने दरबाजा बंद लिया और पुलिस को फोन पर सूचना दे दी। सूचना के बाद जैसे ही पुलिस गांव में पहुंची आरोपी राजेन्द्र वहां से भाग निकला। इसके बाद महिला अपने बच्चों को लेकर ग्राम छान में अपने जेठ गोपाल के यहां पहुंच गई। जब हत्यारे को इस बात की जानकारी लगी तो वह उसके जेठ के यहां लक्ष्मी को मारने के लिए पहुंच गया, लेकिन उसके गांव में पहुंचने के पहले ही लक्ष्मी ने पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर पुलिस ने रास्ते में ही राजेन्द्र को घेर लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया। 
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