शिवपुरी। सिंधिया को मोटी सी माला पहनाकर बफादारी की कथा सुनाने वाले सिंधिया समर्थकों की पोल एक बार फिर खुल गई। करीब 4 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली फोरलेन के शिलान्यास के अवसर पर अतिथि तो केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद थे, परंतु आयोजन किसी नुक्कड़ सभा से ज्यादा न था। इस आयोजन में कुल उतनी संख्या भी नहीं थी, जितनी कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया के सामान्य प्रवास के दौरान हुआ करती थी।
शुरू से ही एक दूसरे पर जिम्मेदारियां टाल रही सिंधिया कांग्रेस के नेताओं ने अंतत: इस आयोजन में भरपूर कंजूसी का प्रदर्शन किया। स्टेज का बैकड्राप कुछ ऐसा था मानो किसी मंदिर के भंडारे का बैंकड्राप है। अतिथियों को स्थानीय नेताओं और मजदूरों ने कुछ इस तरह घेर लिया मानो सरकारी राशन की दुकान पर कैरोसिन बंटने आ गया हो। कोई मान नहीं, कोई मर्यादा नहीं, कोई अतिथि सत्कार नहीं और न ही कोई अनुशासन। जिसको जहां जगह मिली, लटक गया।
दर्शक दीर्घा में कुल उतने लोग भी नहीं थे, जितने कि सिंधिया कांग्रेस के नेताओं के घरों में नौकर हैं। पूरी पूरी कोशिश की गई थी कि किसी भी तरह इस आयोजन को चौपट कर दिया जाए और अंतत: वही हुआ। एक केन्द्रीय मंत्री के सामने सिंधिया और शिवपुरी की छवि क्या गई होगी आप स्वयं समझ सकते हैं।
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| देखिए ये छोटा सा पंडाल: क्या आप कह सकते हैं कि यहां 4 हजार करोड़ से ज्यादा की फोरलेन का शिलान्यास हो रहा है |
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| इस फोटो में देखिए बैकड्राप: ऐसे टांग दिया गया मानो किसी भंडारे में बैनर टांग दिया गया हो, लकड़ी की फ्रेमिंग तक नहीं की गई |
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| इस फोटो में तलाशिए अनुशासन: हर छोटा बड़ा नेता, मंच पर जा चढ़ा पता ही नहीं चल रहा, मंच कहां से शुरू हो रहा है, कहां खतम |



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