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| नाबालिगों को हथकड़ी |
शिवपुरी. पोहरी थाने में मानवअधिकार आयोग एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना पोहरी टीआई राजवीर सिंह कुशवाह को मंहगा पड़ गया, उपपुलिस अधीक्षक की जॉंच रिपोर्ट के बाद टीआई को लाईन अटैच कर दिया गया है। पोहरी थाने के एएसआई और सिपाही बीते 13 नबम्वर के रोज रात 11 बजे दो मासूम बालकों को पुलिस वाले थाने में लेकर आये और उनके साथ मारपीट करने के साथ ही उनसे थाने में झाडू तक लगवाई, जब इतने से ही पुलिस वालों को दिल नहीं भरा तो बालकों को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश किया गया.
इस मामले में तब नया मोड़ जब हथकडी सहित बालकों का फोटो मीडियाकर्मियों द्वारा लिया। मामले की शिकायत 14 नबम्वर को शिवपुरी दौरे पर आये डीआईजी आरएस मीणा को की गई थी जिसके बाद डीआईजी द्वारा शिवपुरी के उप पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह को जॉंच का जिम्मा दिया गया था। लगभग एक माह गुजरने के बाद जॉंच रिपोर्ट आई जिसके अनुसार मनोज पुत्र रघ्घू जाटव एवं अजय पुत्र लालाराम का मेडीकल रिपोर्ट में दौनों बच्चों के साथ मारपीट की पुष्टि हो चुकी थी साथ ही हथकडी लगाने के सम्बंध में अखवारों में छपे फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पोहरी के टीआई राजबीर सिंह कुशवाह एवं एएसआई एसएन श्रीवास्तव को दोषी पाया गया था। जाँच में दोषी टीआई को लाईन अटैच कर दिया गया है।
क्या हो सकती है कार्यवाही
क्या हो सकती है कार्यवाही
मानव अधिकार आयोग के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को पुलिस द्वारा हथकड़ी डालकर न्यायालय में पेश किया जाता है तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ आयोग जाँच कर सकता है साथ ही जाँच पूरी होने तक थाना प्रभारी एवं जिम्मेदार पुलिस वालों को वर्तमान पदस्थ थाने पर तैनात नहीं किया जा सकता। जाँच में यदि मामला सत्य पाया जाता है तो थाना प्रभारी एवं संबंधित पुलिसकर्मीयों को निलम्बित भी किया जा सकता है।
आर.पी. सिंहपुलिस अधीक्षक शिवपुरी

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