क्राईम ट्रेंकिग मशीन के रूप में पहचाने जाने वाले टीआई रविन्द्र गुर्जर का ट्रांसफर शिवपुरी में

शिवपुरी। क्राईम ट्रेंकिग मशीन के रूप मे प्रदेश में पहचान बनाने वाले टीआई रविन्द्र सिंह गुर्जर का ट्रांसफर ग्वालियर लोकायुक्त से शिवपुरी हुआ है। लोकायुक्त में आने से पूर्व रविन्द्र जिला डबरा की सिटी कोतवाली में पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि सोमवार को शिवपुरी में टीआई रविन्द्र अपनी आमद दे सकते है। 

इस कारण कहते है रविन्द्र को क्राईम ट्रंकिग मशीन 
सन 2010 में रीवा जिले से ग्वालियर संभाग में ट्रासंफर होकर आए रविन्द्र सिंह को थाना मिला ग्वालियर जिले का हस्तिनापुरा थाना, इस क्षेत्र के 15 हजार का ईनामी डाकू रामलखन सिंह गुर्जर को जिंदा पकडकर इस क्षेत्र को, इस आंतकी से मुक्ति दिलाई। इस डकैत पर हत्या, लूट, डकैती और अपहरण जैसे 22 संगीन मुकदमें दर्ज थे। इसी हस्तिनापुर थाने के अंतर्गत आने वाले धमका गांव में मंदिर से 50 लाख के चोरी को ट्रेस किया और इस चोरो के गिरोह से चोरी किया सोना-चांदी सहित नगदी बरामद कर रविन्द्र अपने विभाग मे वाहवाही लूटी।

रविन्द्र सिंह ने अपने थाने क्षेत्र सहित दूसरे थाने के क्राईम को भी ट्रेस किया है उनके हस्तिनापुर थाने के पास ही ऊटीला थाना के हुई 28 लाख की लूट के मामले में इस केस का प्रभारी रविन्द्र सिंह गुर्जर को बनाया गया क्राईम को ट्रेस करने के फन में माहिर रविन्द्र सिंह ने इस लूट कांड को मात्र 24 घंटे में ट्रेस कर लूटी हुई रकम सहित लुटेरो को गिरफ्तार कर, विभाग में क्राईम ट्रेंकिग मशीन के नाम से पहचाने जाने लगे।

ग्वालियर के एबी रोड पर स्थित घाटीपुर थाने पर भी रविन्द्र सिंह ने 5 हजार और 10 हजार के ईनामी बदमाशो का पकडा। घाटी गांव थाने से नक्सलाईड क्षेत्र मंडला जिले में ट्रांसफर हो जाने के बाद भी थाने क्षेत्र की जनता की मांग पर इसी क्षेत्र के प्रसिद्व धुंआ के हनुमान जी के मेले मे डकैत गविविधियां होने के कारण इस मेले मेें आमजन कीे सुरक्षा हैतु ग्वालियर के तात्कालिन एसपी संतोष सिंह से निवेदन किया और अपने होनहार अफ सर की मांग पर एसपी ने दो माह बाद रविन्द्र सिंह को इस थाने से रिलीव किया।

ग्वालियर में मुरार थाने की कमान सभालते हुए प्रदेश स्तरीय नवजात शिशुओ को बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश किया था। यह गैंग ग्वालियर के पलाश हॉस्पिटल की मदद से बच्चो को बेचने का काम करता था। टीआई रविन्द्र ने बडी ही समझदारी से इस गैंग के आरोपियो को गिरफ्तार किया, नवजात शिशुओ की खरीद फरोक्त में पलाश हॉस्पिटल भी शमिल था, इस हॉस्पिटल के डॉक्टरो का मुखौटा भी रविन्द्र सिंह गुर्जर ने उतारते हुए जेल की हवा खिलाई और 5 नवतात शिशुओ को भी बरामद करने में सफलता हासिल की। रविन्द्र के इस काम के लिए प्रदेश के गृहमंत्री ने सम्मानित भी किया था। 

डबरा में सिटी कोतवाली की कमान संभालते ही टीआई रविन्द्र सिंह ने मोटर साईकिल चोरी करने वाली गिरोह को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के 12 सदस्यो को गिरफ्तार करते हुए 50 मोटर साईकिल बरामद की। इसके अतिरिक्त पुराने 4 अंधे कत्लो की गुथी रविन्द्र ने सुलझाई। डबरा के चर्चित 9 साल की मासूम के बलात्कार के बाद हत्या का केस रविन्द्र ने मासूम की लाश मिलने के बाद मात्र 2 घटें में इस केस का सुलाझा लिया और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। टीआई रविन्द्र सिंह गुर्जर ने 3 लाख 40 हजार के नकली नए 2 हजार के नोट भी पकडे और इस गिरोह के सरदार को पश्चिम बंगाल जा कर गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की थी। 
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