मेडीकल का लाईसेंस एक्सपायर, इंसानों के साथ जानवरों की दबाईयां भी बेची जा रही है

शिवपुरी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एवं लीचड़ रवैए के कारण जिलेभर में झोलाछाप और मेडीकल स्टोर संचालक लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने में जुटे हुए हैं। बिना लायसेंस के जिलेभर में मेडीकल स्टोर संचालित हैं, वहीं कई झोलाछाप डॉक्टर अवैधानिक तरीके से अपनी दुकानें संचालित किए हुए हैं। ऐसा ही मामला पोहरी अनुविभाग क्षेत्र के ग्राम झिरी में उस समय सामने आया है,जब प्रेस की टीम गांव में संचालित वर्मा मेडीकल स्टोर पर पहुंची। टीम द्वारा जब मेडकल संचालक से मेडीकल संचालित करने संबंधी लायसेंस की मांग की तो उसे पहले तो संचालक द्वारा कहा गया कि लायसेंस अभी रिन्यू के लिए डला हुआ है। 

इसके बाद वर्ष 2016 का लायसेंस दिखाया जो कि 6 माह पूर्व ही एक्सपायर हो चुका था। यहां खासबात यह है कि उक्त मेडीकल स्टोर पर जानवरों की दवाएं भी उपलब्ध थीं जबकि वेटनरी का अलग से लायसेंस लेना पड़ता है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब मेडीकल संचालक के पास रिन्यू लायसेंस ही नहीं है तो कैसे मेडीकल का संचालन हो रहा है। 

ऐसा नहीं है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि जिलेभर में ऐसे कई कारनामे देखे जा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी स्वास्थ्य महकमा निरीक्षण करने की जहमत तक नहीं उठाता है और यह मेडीकल संचालक लोगों के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। 

यहां बताना होगा कि तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव द्वारा मेडीकल स्टोरों के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था और उस समय तत्कालीन सीएमएचओ श्री खरे के निर्देशन में टीम द्वारा मेडीकल स्टोरों पर छापामार कार्यवाही की थी, लेकिन यह कार्यवाही भी एक दिन के बाद ठप्प हो गई थी और मात्र शहरभर में हुई थी। अब देखना है कि नवागंतुक कलेक्टर तरुण राठी जिलेभर में संचालित इन मेडीकल स्टोर पर कब कार्यवाही के लिए मन बनाते हैं। 

झोलाछाप द्वारा अवैध क्लीनिक संचालित
ग्राम झिरी में हरीसिंह ओझा झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक निजी क्लीनिक का संचालन किया जाता है। सूत्रों की मानें तो हरीसिंह ओझा के पास क्लीनिक संचालित करने का लायसेंस नहीं है, बल्कि किसी डॉक्टर के यहां पर प्रेक्टिस कर अब अपनी निजी दुकान संचालित की जा रही है। इस झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लोगों से मनमाने रूपए ऐंठे जाते हैं। ग्रामीणों की मानें तो उक्त डॉक्टर के इलाज से कई लोग गंभीर रूप से बीमार भी हो चुके हैं। 

लायसेंस बनाने के लिए सक्रिय हैं दलाल
ग्राम झिरी में मेडीकल स्टोर संचालक ने बताया कि उसका लायसेंस कोर्ट रोड पर संचालित एक फोटो कॉपी की दुकान वाले द्वारा बनवाया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि मेडीकल स्टोर के लायसेंस बनाने में दलाल सक्रिय हैं और इन्हीं के द्वारा मोटी रकम ऐंठकर फर्जी तरीके से लायसेंस बनवाए जाते हैं।

इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है, कार्यवाही के लिए सीएमएचओ को निर्देशित कर उचित कार्यवाही की जाएगी।
अंकित अस्थाना
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