भक्तिमय धारा में बहा शिवपुरी: आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का 50वाँ संयम स्वर्ण महोत्सव की धूम

शिवपुरी। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का 50वाँ संयम स्वर्ण महोत्सव शिवपुरी में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य आचार्य श्री का पूजन एवं भक्ति के माध्यम से गुणानुवाद किया गया, वहीं इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री अजीतसागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल सान्निध्य भी प्राप्त हुआ जिन्होंने आज ही सोनागिर से लगातार मंगल बिहार करते हुये शिवपुरी में प्रवेश किया था। उनकी भव्य मंगल आगवानी सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा पीली कोठी पर की गई। जहां से पूज्य श्री मंगल यात्रा के साथ निचला बाजार जैन मंदिर, श्री छत्री जैन मंदिर होते हुये महावीर जिनालय पहुंचे। पूज्य मुनिश्री की आगवानी में जगह जगह उनका पाद-प्रक्षालन एवं मंगल आरती उतारी गई।

इस अवसर पर स्थानीय महावीर जिनालय पर पूज्य मुनि श्री अजीत सागर जी महाराज ने विशाल धर्म सभा में आचार्य श्री का गुणानुवाद करते हुये कहा कि, यह अतिशय है कि पंचम काल की चारों ओर की विषमताओं के बाद भी इस धरती पर आचार्य भगवन इस उत्कृष्ट श्रवण परंपरा का निर्वाहन कर रहे हैं। यह उनका परम उपकार है कि स्वयं तो मोक्ष मार्ग पर बढें ही साथ ही हम लोगों को भी मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ाया। 

आप सभी बहुत पुण्यशाली जीव है, जिन्हें इस युग में भी ऐसे मुनियों के दर्शन मिल रहे हैं और आज आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के 50 वें संयम स्वर्ण महोत्सव बनाने का मौका मिल रहा है। इस अवसर पर सभी प्राणी मात्र को यह भावना भानी चाहिए कि, यदि हम अपने जीवन में संपूर्ण संयम को धारण ना कर पाएं, तो कोई बात नहीं, परंतु कुछ ना कुछ संयम लेकर अपने जीवन का उद्धार अवश्य करना चाहिए। 

यद्पि आचार्य श्री की दीक्षा 30 जून 1968 को हुई थी, परंतु तिथि के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पंचमी को आज दीक्षा दिवस मनाया जा रहा है। उक्त संपूर्ण आयोजन 4 दिवस का होगा, जिसमें प्रथम दिन 27 ता. को प्रभातफेरी निकाली गई थी। 

28 जून को प्रात: विशेष पूजन-अर्चना की गई, जिसमें आचार्य श्री का गुणानुवाद किया गया, एवं महाअध्र्यो के साथ गुरुनाम गुरु आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की भक्तिभाव पूर्वक पूजन की गई। 

दोपहर में महिला समिति द्वारा भजनों का आयोजन किया गया, तथा सांयकाल गुरुभक्ति के साथ 1008 दीपों से आचार्य श्री की आरती भी की गई। इस अवसर पर रात्रि में पाठशाला की बहनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अन्र्तगत आचार्य श्री के जीवन पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया गया।

आज 29 जून को होगा पंच परमेष्ठी विधान होगा
इस अवसर पर आज स्थानिय महावीर जिनालय में प्रात: 7 बजे से श्री जी के अभिषेक, शांतिधारा के साथ पंचपरमेष्ठी विधान किया जायेगा, जिसमें आचार्य परमेष्ठी के 36 अघ्र्य 36 परिवारों द्वारा समर्पित किये जायेंगें।
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