Thursday, January 19, 2017

SUNRISE COOPERATIVE: 1 करोड़ चूना लगाकर फरार, मामला दर्ज

शिवपुरी। शहर को झटका देने वाली खबर आ रही है कि 6 वर्ष में रकम दोगुना करने का झांसा देकर शहर वासियो का 1 करोड़ का चूना लगाकर सनराइज कंपनी फरार हो गई है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने कंपनी के डारेक्टरो पर मामला दर्ज कर लिया है। 

बताया जा रहा है कि इस कंपनी के लगभग एक सैकड़ा लोग शिकार हुए है। जानकारी आ रही है कि हाजी सन्नूमार्केट में अपना ऑफिस खोलकर पिछले 2 वर्ष से यह कंपनी लोगो को फर्जी प्लान बेच रही थी। इस चिटफंड कंपनी के प्रबंधक आंनद शर्मा और दिलीप सिंह राजपूत 6 साल से धन को डबल करने का प्लान बेच रहे थे। बताया गया है कि इस प्लान में शहर को 100 लोगो को 1 करोड का चूना लगा दिया। 

पुलिस ने इस मामले में फरियादी प्रकाश सिंह पुत्र श्यामलाल कुशवाह निवासी ग्वालियर वायपास शिवपुरी की रिपोर्ट पर आरोपीगण आनंद शर्मा पुत्र रमेशचन्द्र शर्मा निवासी श्रीलाल का बाड़ा कमलागंज और दिलीप सिंह राजपूत पुत्र प्रभात सिंह राजपूत निवासी चितांहरण मंदिर इन्द्रा नगर के विरूद्ध भादवि की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों ने फरियादी प्रकाशचन्द्र कुशवाह से 3 लाख की धोखाधड़ी की थी। 

फरियादी प्रकाश सिंह कुशवाह ने कोतवाली शिवपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपीगण आनंद शर्मा और दिलीप सिंह राजपूत जनता के करोड़ों रूपए हड़प कर फरार हो गए हैं। उसने रिपोर्ट में लिखाया कि हाजी सन्नूमार्केट में सनराईज सहकारी संस्था 2015 से कार्यरत है और 6 माह में धन दुगना करने का वायदा कर वह लोगों से पैसे जमा कराती है।

कंपनी यह भी वायदा करती है कि चालू खाते पर वह बैंक से अधिक ब्याज 12 प्रतिशत ब्याज देती है। कंपनी के प्रबंधक आनंद शर्मा और दिलीप सिंह राजपूत के झांसे में आकर उन्होंने 26.10.2015 को कार्यालय में एक लाख रूपए अपने नाम से तथा एक लाख रूपए अपनी पत्नि गोमती के नाम से और एक लाख रूपए अपनी लडक़ी दुर्गेश के नाम से एक वर्ष के लिए जमा कराए। 

कंपनी ने उन्हें एफडी एकाउन्ट 20110000183, 20110000181,  20110000182, बनाकर दी तथा वायदा किया कि एक साल बाद उन्हें प्रत्येक एफडी के एवज में एक लाख दस हजार पांच सौ रूपए मिलेंगे।  एफडी पर प्रबंधक दिलीप सिंह राजपूत ने अपने हस्ताक्षर कर दिए। एफडी परिपक्व होने पर जब वह 26.10.2016 को चिटफण्ड कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला पड़ा हुआ था। फरियादी का कहना है कि तब से वह चक्कर लगा रहा है, लेकिन न तो उसे धन राशि वापस मिली है और न ही जिन्होंने उसे ठगा है वह मिले  हैं।