शिवपुरी। शिवपुरी एसपी ऑफिस मे आज एक पहचान का पेचीदा मामला सामने आया है,इस मामले मे सबको हैरानी मे डाल दिया है। मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं, जहां एक ओर अशोकनगर का दंपती एक विवाहित महिला को अपनी वर्षों पहले लापता हुई बेटी बता रहा है, तो वहीं महिला इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रही है।
फूलवती परिहार नाम की इस महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सीहोर जिले के चकलदी गांव की रहने वाली है और उसके माता-पिता अमर सिंह व मुन्नी हैं। करीब 18 साल पहले उसने प्रेम विवाह कर शिवपुरी जिले के भौती थाना क्षेत्र के पिपरौनिया गांव निवासी नवल सिंह परिहार के साथ घर बसा लिया था। तब से वह अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रही है।
लेकिन कुछ महीने पहले उसकी जिंदगी में अचानक एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सब कुछ बदल दिया। अशोकनगर पुलिस एक दंपती को लेकर उसकी ससुराल पहुंची। दंपती ने दावा किया कि फूलवती उनकी वही बेटी है, जो करीब 7 साल की उम्र में स्कूल से लापता हो गई थी। उन्होंने अपनी 5-6 साल की बच्ची का पुराना फोटो दिखाते हुए शक्ल मिलने के आधार पर पहचान जताई।
इस पूरे घटनाक्रम ने फूलवती और उसके परिवार को असमंजस में डाल दिया है। महिला का साफ कहना है कि वह उस दंपती को नहीं पहचानती और उसके असली माता-पिता वही हैं, जिनके साथ वह बचपन से रही है। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस बिना ठोस आधार के उसे बार-बार परेशान कर रही है।
गौरतलब है कि इस मामले में वर्ष 2011-12 के दौरान अशोकनगर में एक अपहरण का मामला भी दर्ज हुआ था, जिससे इस दावे को और बल मिल रहा है। हालांकि, सच्चाई अब भी परतों में छिपी हुई है।
फूलवती ने पूरे मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। उसका कहना है कि वैज्ञानिक जांच ही इस उलझन को सुलझा सकती है। महिला और उसके पति ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठाने और उन्हें मानसिक परेशानी से राहत दिलाने की गुहार लगाई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है - क्या यह वाकई बिछड़े रिश्तों का मिलन है या फिर एक गलतफहमी, जिसने एक परिवार को संकट में डाल दिया है।
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