शिवपुरी छोड़, जमाने भर के जलसंकट को मुद्दा बना रहे हैं सिंधिया

शिवपुरी। ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी गुना लोकसभा सीट के सांसद हैं। ये वही शिवपुरी है जिसने उनकी दादी विजयाराजे सिंधिया को तब भी सांसद बनाया जब इंदिरा गांधी ने उन्हे जेल में ढूंस दिया था। ये वही शिवपुरी है जिसने उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया को तब भी सांसद चुना जब उनके अपने प्रिय ग्वालियर शहर ने उन्हे दुत्कार दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया को याद होगा। इसी शिवपुरी ने उन्हे तब भी सांसद चुन लिया था जब वो राजनीति में नामसझ थे। बावजूद इसके सिंधिया अब तक शिवपुरी का जलसंकट दूर नहीं कर पाए हैं और जमाने भर के जलसंकट को मुद्दा बना रहे हैं। 

आज उन्होंने दमोह में व्याप्त जलसंकट को मुद्दा बनाया है। बयान दिया है कि एक तरफ़ भाजपा सरकार स्वच्छ भारत का ढिंढोरा पीट रही है और शौचालय बनाने की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, दूसरी ओर मप्र में शौच के लिए हमारी बच्चियों को 2 किमी पैदल चल कर जाना पड़ रहा है। @ChouhanShivraj जी, कुछ देर भाषणबाज़ी छोड़ धरातल पर काम करके दिखाइए।

शायद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मालूम नहीं कि शिवपुरी में लोग पेयजल के लिए 5 किलोमीटर तक पैदल जाते हैं। सारी रात जागते हैं। कट्टियों के कारण सारी छुट्टियां बर्बाद हो जातीं हैं। सांसद भी सिंधिया, विधायक भी सिंधिया फिर भी शिवपुरी बदतर और घटिया। कुछ तो शर्म करो। 
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3 comments:

Manish Gupta said...

बहूत खूब हमारा सांसद बस पैर छुआने में ओर महाराज कहलवाने में विश्वास रखते है । काम वाम कुछ नही

Manish Gupta said...

बहूत खूब हमारा सांसद बस पैर छुआने में ओर महाराज कहलवाने में विश्वास रखते है । काम वाम कुछ नही

Lucky Jain said...

Par Vidhayak toh BJP sarkaar ki mantri hai janaab...BJP me unki itni Chalati Nahi kya ?? Ki is samasya ko door Kar paayein ??

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