पात्र को हटाकर अपात्र का नाम: नौकरी के नाम पर मांगे परियोजना अधिकारी ने 40 हजार रूपए

करैरा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा करेरा क्षेत्र की आंगनबाडिय़ों में सहायिका एवं कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की अअंतरिम सूची जारी की है। उक्त सूची में ग्राम बरौदी निवासी महिला मालती पुत्री सरनाम लोधी द्वारा आरोप लगाया गया है कि महिला एवं बाल विकास की प्रभारी परियोजना अधिकारी ममता सिंह द्वारा सहायिका के पद पर उसकी नियुक्ति हेतु 40 हजार रुपए की मांग की गई थी। 

उनका कहना था कि जो कोई 40 हजार रुपए देगा नियुक्ति उसकी होगी। जिसके चलते  इनके द्वारा सहायका के पद पर  प्रभा जाटव पत्नी विकास जाटव का सूची में नाम दे दिया गया। जबकि  प्रभा जाटव का  बीपीएल कार्ड में नाम नहीं है। उसके द्वारा फर्जी तरीके से  कागजों में हेराफेरी कर बीपीएल सूची में खुद ही नाम लिखा गया है। 

जबकि  परिवार आईडी में तक उसका नाम दर्ज नही है। जब परिवार आईडी में महिला प्रभा जाटव का नाम नहीं है तो बीपीएल सूची में नाम दर्ज होने का प्रश्न ही नहीं उठता है। फिर भी  रिश्वत लेकर परियोजना अधिकारी द्वारा अवैध रूप से इसका चयन कर दिया गया।

जबकि मेरे संपूर्ण दस्तावेज नियमानुसार सही है जिसमें मेरी अंकसूची, बीपीएल कार्ड, अनुभव प्रमाण पत्र, सभी मेरे द्वारा लगाए गए थे जिसके अनुसार मेरे अंक भर्ती सूची अधिक होने की वजह से में प्रथम स्थान पर थी। इस लिए मेरा सूची में दर्ज होना चाहिए था।  

क्योंकि नियमानुसार मेरे अंक Óयादा थे। फिर भी इनके द्वारा अपात्र का अअंतरिम सूची में नाम देने से स्वयं इनका भ्रष्टाचार सिद्ध होता है। फरियादी महिला मालती लोधी का कहना है कि मैं गरीब परिवार से हूं मेरे पास इनको देने के लिए इतने पैसे नहीं थे जिस वजह से मैंने साफ इनकार कर दिया था। 

तभी उन्होंने कह दिया था कि जो 40 हज़ार रूपये देगा उसी का नाम हम सूची में जारी करेंगे और प्रभा जाटब के द्वारा उनको पैसे दे दिए गए होंगे इसीलिए उसका अपात्र होने के बावजूद भी चयन इनके द्वारा कर दिया गया। महिला मालती ने एसडीएम करैरा सीबी प्रसाद के समक्ष भी उक्त आशय का आवेदन देकर शिकायत की है। जिसको एसडीएम द्वारा जिला निराकरण समिति को जांच हेतु भेजा गया है। 

इनका कहना है
महिला मालती लोधी के द्वारा मुझे एक आवेदन देकर शिकायत की गई है। अभी जारी हुई सूची अअंतरिम सूची है अंतिम सूची नही है। अंतिम सूची जिले से जारी होगी मेरे द्वारा इनका आवेदन जिला निराकरण समिति को भेजा जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जांच कराई जाएगी। जो दोषी होंगे उनपर करवाई की जाएगी।
सीबी प्रसाद एसडीएम करैरा

इनका कहना है
यह बात सही है कि सहायका पद के लिए मालती लोधी ने आवेदन किया था। लेकिन मेरे द्वारा उससे कभी कोई भी पैसों की मांग नही की गई। उसके द्वारा मुझपर लगाए गए आरोप निराधार एवं झूठ है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना चाहिये।
ममता सिंह प्रभारी परियोजना अधिकारी करैरा
Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!