शिवपुरी। शिवपुरी की पेयजल समस्या अब शिवपुरी की सड़कों से लेकर दिल्ली में उठने लगी है। खास बात यह कि इस समस्या का भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी को तब से ज्ञात है जब वे भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में शिवपुरी आए थे।
शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या को लेकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में सरकार सेे अनुरोध किया कि वो शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक उच्च समिति गठित कर जनभावनाओं का ध्यान रखते हुए इस महत्वपूर्ण मडीखेडा पेयजल योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराये।
शिवपुरी शहर की गंभीर पेयजल समस्या को देखते हुए शहरवासियों के सूखे कण्ठ को तर करने और उनको पेयजल संकट से स्थायी मुक्ति दिलाने के उदेश्य से वर्ष 2008 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने शिवपुरी के लिए 60 करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत की थी। लेकिन राज्य सरकार की लगातार लेट लतीफी से ये योजना आज 100 करोड़ तक पहुँच गयी हैं।
इसके बावजूद इसका कार्य अधूरा हैं, शिवपुरी शहरवासियों के इस सबसे बड़े संकट के निदान के लिए आज लोकसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकसभा में कांग्रेस के मु य सचेतक सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे पर सरकार से प्रश्न कर जवाब तलब किया की 2014 में मोदीजी ने मेरे संसदीय क्षेत्र के शिवपुरी में एलान किया था की केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद 6 महीने में इस योजना का कार्य पूरा हो जायेगा तो क्या प्रधानमंत्री जी का वो एलान भी महज जुमला साबित हुआ।
शिवपुरी शहर के लोगो की पीड़ा और 50 डिग्री तापमान में पानी को लेकर उनकी भारी दिक्कतों को देखते हुए सिंधिया जी ने सरकार से अनुरोध किया कि वो शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक उच्च समिति गठित कर जनभावनाओं का ध्यान रखते हुए इस महत्वपूर्ण योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराये।