शिवपुरी। लम्बे इंतजार के बाद शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र के तीनों मंडलों भाजपा नगर मंडल, शिवपुरी ग्रामीण और खोड़ मंडल की कार्यकारिणी का आखिरकार गठन हो गया, लेकिन पार्टी गाइड लाइन के कारण किसी भी मंडल में अध्यक्ष कार्यकारिणी गठन में अपनी मनमर्जी नहीं चला सके।
नगर मंडल के गठन में तो अध्यक्ष भानु दुबे को पग-पग पर एडजस्टमेंट करना पड़ा। इस कारण जिसे वह कोई विशेष पद देना चाहते थे उसे दूसरा निम्रतर पद देना पड़ा और एकाध कार्यकर्ता की तो एडजस्टमेंट बिठाने के चक्कर में छुट्टी भी हो गई।
बताया जाता है कि पार्टी संगठन ने यह तय किया था कि जिस जाति का अध्यक्ष है उस जाति के कार्यकर्ता को महामंत्री नहीं बनाया जाए। इसके साथ यह भी तय किया गया कि दो महामंत्रियों में से एक पद अनुसूचित जाति के कार्यकर्ता को दिया जाए। इस प्रकार एक तरह से महामंत्री के पद पर आरक्षण हो गया।
नई गाइड लाइन के अनुसार भानु दुबे को अनुसूचित जाति के एक कार्यकर्ता को महामंत्री बनाना अनिवार्य हो गया वहीं महामंत्री पद पर वह अपने सजातीय भाजपा कार्यकर्ता की ताजपोशी करने में असमर्थ रहे। महामंत्री पद के लिए गाइड लाइन आने के पहले पिछली कार्यकारिणी में मंत्री रहे अभिषेक शर्मा बट्टे का चयन किया गया था।
लेकिन ब्राह्मण होने के कारण महामंत्री बनने से उनका पत्ता साफ हो गया। उनके स्थान पर राकेश राठौर के नाम को आगे बढ़ाया गया, लेकिन अंतिम क्षण में निवर्तमान महामंत्री हरिओम राठौर की नियुक्ति हो गई।
हरिओम भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और प्रदेश सरकार की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के विश्वस्त हैं और उनकी स्वयं की इच्छा नगर मंडल की अपेक्षा जिला मंडल में कम से कम महामंत्री या उपाध्यक्ष पद प्राप्त करने की थी।
लेकिन जिला कार्यकारिणी में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बनी हुई थी और वह न तो महामंत्री और न ही उपाध्यक्ष बन पा रहे थे। इस कारण उनके स मान को बरकरार रखने की दृष्टि से उन्हें नगर मंडल में ही पुन: महामंत्री बनाने का निर्णय लिया गया जिससे महामंत्री पद के लिए तयशुदा नाम राकेश राठौर का नाम काटना पड़ा।
दूसरे महामंत्री पद के लिए मदन शेजवार उर्फ मट्टू खटीक और डॉ. विजय खन्ना में से डॉ. विजय खन्ना का चयन किया गया और मदन शेजवार को फिर उपाध्यक्ष पद पर एडजस्ट किया गया।
इसी तरह नगर अध्यक्ष भानु दुबे की पसंद अभिषेक शर्मा को महामंत्री पद से विमुख होने पर उन्हें एडजस्ट करने के लिए उपाध्यक्ष बनाया गया जिससे पार्षद बलवीर यादव का पत्ता साफ हो गया। पार्षद अरूण पंडित की स्थिति में कोई फर्क नहीं आया और उनकी उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो गई।
अन्य तीन उपाध्यक्ष पद पर मुकेश त्यागी (गोल्डी), पूर्व पार्षद अनिल भदौरिया विक्की और केपी परमार की नियुक्ति की गई। नगर मंत्री के छह पदों पर तीन महिलाओं की महिला आरक्षण के तहत नियुक्ति की गई है जिनके नाम हैं पूर्व पार्षद श्रीमती सुषमा ओझा, श्रीमती राजकुमारी परिहार और श्रीमती निशा गुप्ता। शेष तीन पदों में से एक पर विपुल जैमिनी की नियुक्ति की गई है।
श्री जैमिनी को पहले मीडिया प्रभारी बनाने के विषय में सोचा गया था, लेकिन मीडिया प्रभारी जब राजकुमार शर्मा को बनाया गया तो विपुल जैमिनी को समायोजित करने के लिए मंत्री बनाया गया। इसके अलावा प्रशांत यादव और अजय अग्रवाल को भी मंत्री बनाया गया है। कोषाध्यक्ष पद पर तरूण अग्रवाल की नियुक्ति हुई है वहीं कार्यालय मंत्री समर्पित कार्यकर्ता संदीप भार्गव को बनाया गया है जबकि सहमंत्री के लिए विनोद बंसल का चयन किया गया है। प्रचार मंत्री पद पर दो पत्रकारों अतुल गौड़ और अजीत ठाकुर की नियुक्ति की गई है।