नेट की परीक्षा देने जा रहे दो सगे भाईयों में से एक की मौत, एक गंभीर

shailendra gupta
शिवपुरी। इसे ईश्वर की होनी और अनहोनी ही कहेंगें कि अपना भविष्य तैयार करने जा रहे दो सगे भाई रविवार की सुबह घाटीगांव के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गए। जिसमें एक भाई ने जहां घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया तो वहीं दूसरी गंभीर रूप से घायल है जिसे उपचार हेतु ग्वालियर रैफर किया गया है।
दोनों भाई अपनी निजी गाड़ी से ग्वालियर जा रहे थे कि तभी घाटीगांव पर इनकी इंडिगो कार शिव ट गाड़ी से टकरा गई और यह हादसा हो गया। घटना की सूचना परिजनों तक पहुंची तो सभी स्तब्ध रह गए। दोनों भाई शिवपुरी में विवेकानंद निवासी सेवानिवृत्त सां ियकी अधिकारी राजकुमार गौड़ के पुत्र है। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार रविवार सुबह 6:30 बजे मृतक आदर्श गौड़ पुत्र राजकुमार गौड़ उम्र 38 वर्ष और उसका छोटा भाई अभिषेक पुत्र राजकुमार गौड़ उम्र 35 वर्ष अपनी इंडिगो कार क्रमांक एमपी 33 बी 1903 से ग्वालियर के लिए निकले थे। सुबह करीब 8:30 बजे घाटीगांव के नजदीक इंडिगो गाड़ी ग्वालियर की ओर से आ रही शि ट गाड़ी क्रमांक आरजे सीए 8788 से जा टकराई। 

दुर्घटना इतनी जबर्दस्त थी कि भिडंत में दोनों गाडिय़ां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई तथा आदर्श गौड़ ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। दूसरा भाई अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। वह दुर्घटना के बाद बेहोश हो गया। सूचना मिलने के बाद 108 वाहन और घाटीगांव टीआई विक्रम चौहान घटना स्थल पर पहुंच गए, लेकिन उन्होंने घायल अभिषेक गौड़ की जेब में मिले कागजात से उनकी पहचान की। दुर्घटना में मोबाईल क्षतिग्रस्त हो गया था और पुलिस ने मोबाईल में से सिम निकालकर भाईयों के परिवारजनों को दुर्घटना की सूचना दी। 

सूचना मिलने के बाद राजकुमार गौड और मृतक आदर्श गौड़ के साले घाटीगांव के लिए रवाना हो गये। दुर्घटना में शि ट में सवार विपुल शर्मा निवासी राजसमुन्द्र कोटा राजस्थान भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना की सूचना लगते ही घाटीगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार हेतु तुरंत ग्वालियर पहुंचाया गया। वहीं मृतक की आदर्श के शव को कार से बाहर निकलवाकर उसके परिवार वालों को सूचित किया। दुर्घटना में आदर्श की मौत की खबर सुनते ही परिवारजन स्तब्ध रह गए और तुरंत ही घाटी गांव के लिए रवाना हुए।

...कहीं नींद के झरोखे ने तो नहीं ले लिया आगोश में
बताया जाता हैकि दोनों वाहनों के बीच भिडंत को देखकर प्रथम दृष्टि में ऐसा प्रतीत होता है कि वाहन चालक को आया नींद का झोंका दुर्घटना का कारण बना। टीआई विक्रम सिंह चौहान का कहना था कि शायद इंडिगो वाहन का चालक नींद आने के कारण गाड़ी से संतुलन खो बैठा था। बताया जाता है कि दोनों भाईयों ने नेट की परीक्षा के लिए रात भर तैयारी की थी और सुबह 6 बजे गाड़ी वह ग्वालियर के लिए निकल गए। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। परीक्षा देने से पहले ही एक भाई मौत के आगोश में समा गया जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

कोमा में है दूसरा भाई
इंडिगो और शि ट की भिडंत में जहां आदर्श की मौत हो गई वहीं दुर्घटना में घायल उसका छोटा भाई अभिषेक कौमा में हैं। जिसका उपचार ग्वालियर में चल रहा है। सूचना पाते ही अभिषेक के पिता और अन्य परिजन ग्वालियर पहुंच गए हैं।

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