शहीदों के बलिदान की गाथा को चित्रों से उकेरा कैदियों ने

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शिवपुरी-अमर शहीद तात्याटोपे के बलिदान दिवस के रूप में इन दिनों तात्याटोपे परिसर में मेला आयोजित किया गया है। जहां स्वराज संस्थान, भारत मिलन न्यास, तात्याटोपे पलटन के साथ-साथ अन्य समाजसेवी भी अमर शहीद तात्याटोपे को विभिन्न समाजसेवी गतिविधियों व कार्यों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है लेकिन इसी मेले में शहीदों के बलिदान को उपजेल में बंद कैदियों ने चित्रों के माध्यम से उकेरा है। जो एक सराहनीय कार्य है।
 
तात्याटोपे को उपजेल शिवपुरी की जिस बैरक में बंद किया गया था आज उस जेल कैदी पहुंचकर उन्हें सलाम करते है। इसी भावना को दृष्टिगत रखते हुए कैदियों ने जेलर व्ही.एस.मौर्य से आग्रह किया है कि वह भी अमर शहीद तात्याटोपे के बलिदान से सुसज्जित चित्रकारी करेंगे इसके लिए जेल प्रबंधन ने इन कैदियों को रबर, कटर, कागज, स्याही आदि उपयोगी सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराई। जिसका परिणाम यह हुआ कि आज मेला प्रांगा में अमर शहीद तात्याटोपे के बलिदान स्थल के रूप में मौजूद प्रदर्शनियों में कैदियों के द्वारा उकेरे गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगी है जिसे उपस्थितजन देखकर इन कैदियों की हौंसला अफजाई करने से परहेज नहीं कर रहे है बल्कि इनके बुलंद हौंसलों को सलाम करते है। 

 उपजेल के जेलर व्ही.एस.मौर्य का कहना कि जेल में मौजूद कैदियों की भावना को देखते हुए उन्हें जेल प्रबंधन को शहीद तात्याटोपे के बलिदान से प्रेरणा लेने का आग्रह किया जिसके तहत कैदियों ने अपनी कला के माध्यम से शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। श्री मौर्य ने बताया कि कैदियों ने स्वयं अपने हाथों से उपजेल की बैरक नं.4 जहां अमर शहीद तात्याटोपे को कैद किया गया था उस स्थल पर कैदियों ने 185 पुष्प अर्पित करते हुए बलिदान दिवस 18 अप्रैल को जब जेल में एसडीएम अशोक कम्ठान, तहसीलदार आर.ए.प्रजापति और जेलर व्ही.एस.मौर्य पहुंचे तो इन कैदियों ने यह फूल इन अधिकारियों को भेंट कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मेले में आयोजित प्रदर्शनी में कैदियों के द्वारा बनाए गए चित्रों की हर आमजन ने प्रशंसा की और इसके लिए प्रेरणा देने वाले जेलर व्ही.एस. मौर्य के भी कार्यों बधाई देते हुए इस तरह से कैदियों के जीवन में बदलाव लाने का अनुकरणीय कार्य करने पर आभार माना।
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