भोपाल. मुख्यमंत्री के निशाने पर चार जिलों के कलेक्टर आ गए। उन्होंने चंबल संभागायुक्त को मुरैना और श्योपुर के कलेक्टरों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। इन दोनों जिलों में अटल बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के काम में सुस्ती पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए ये निर्देश दिए। दतिया और शिवपुरी कलेक्टर को लेकर भी उनके तेवर तीखे दिखे।
इन दोनों जिलों में भूअजर्न के अवार्ड पारित होने के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और जांच करा कर उत्तरदायित्व निर्धारित करने को कहा।
खनन माफिया के हाथों एक आईपीएस अधिकारी की मौत से आहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के आला अधिकारियों को काली कमाई करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफिया हो या अवैध काम करने वाला कोई भी व्यक्ति, उसे छोड़ा न जाए फिर चाहे वह कितना भी प्रभावशाली या सफेदपोश क्यों न हो।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये तीखे तेवर शनिवार को संभाग कमिश्नर और आईजी के साथ हुई मैराथन वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान व्यक्त किए। लगभग पांच घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में एक घंटे तक कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता और मुख्य सचिव अवनि वैश्य सहित आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने संभाग के अधिकारियों को गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की छूट देते हुए कहा कि इस मामले में न कोई हस्तक्षेप है और न ही आगे होगा। अधिकारी बेधड़क होकर कार्रवाई करें, इसके लिए उन्हें किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। बस इतना ध्यान रखें कि ऐसे मौकों पर वे पूरी तैयारी से जाएं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताकर जाएं, ताकि आवश्यकता होने पर उन्हें तत्काल मदद मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की असमय मृत्यु पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से दु:ख होता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर जिलों का फीडबैक लिया। इस दौरान फीडर सेपरेशन के काम में लेतलाली पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट की। मुख्यमंत्री ने सागर संभाग के कमिश्नर आरके माथुर और संभाग के जिलों के कलेक्टरों को गेहूं खरीदी के दौरान सीमावर्ती जिलों में निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्यान रखें दूसरे राज्य का गेहूं प्रदेश की मंडियों में बिकने के लिए नहीं आए। उन्होंने बाकी संभाग के आयुक्त तथा आईजी को भी गेहूं उपाजर्न के दौरान खरीदी केंद्रों पर शांति व्यवस्था कायम रखने और तय प्रक्रिया के मुताबिक पंजीकृत किसानों का गेहूं खरीदने के निर्देश दिए।
चौहान ने कहा कि खरीदे गए गेहूं का भुगतान भी समय पर किसान के खाते में जमा किया जाए। मंडी प्रांगण में अनावश्यक भीड़-भाड़ नहीं होने देने को भी उन्होंने कहा। चौहान ने मुख्यमंत्री सड़क योजना के कामकाज को लेकर भी जिलों का फीडबैक लिया। इस योजना में तेजी से काम करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए। अब अगली बैठक 5 अप्रैल को होगी। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को दिए गए निर्देशों का रिब्यू करेंगे।
अफसर फील्ड का दौरा करें :
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति और चिन्हित अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की समीक्षा के साथ संभागायुक्त और आईजी के साथ मिलकर फील्ड में जाने को कहा। उन्होंने कहा कि आला अधिकारी जिलों के दौरे कर मैदानी हकीकत जाने। उनके दौरों से नीचे के अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ता है।
मैराथन चली कान्फ्रेंसिंग :
मुख्यमंत्री और कमिश्नर-आईजी वीडियो कान्फ्रेंसिंग लगातार पांच घंटे तक चली। इसमें मुख्यमंत्री ने अफसरों से कई सवाल किए।
काली करतूत करने वालों को नहीं बख्शें : सीएम
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने ली कमिश्नर, आईजी की क्लास
खनन माफिया के हाथों एक आईपीएस अधिकारी की मौत से आहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के आला अधिकारियों को काली कमाई करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफिया हो या अवैध काम करने वाला कोई भी व्यक्ति, उसे छोड़ा न जाए फिर चाहे वह कितना भी प्रभावशाली या सफेदपोश क्यों न हो।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये तीखे तेवर शनिवार को संभाग कमिश्नर और आईजी के साथ हुई मैराथन वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान व्यक्त किए। लगभग पांच घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में एक घंटे तक कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता और मुख्य सचिव अवनि वैश्य सहित आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने संभाग के अधिकारियों को गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की छूट देते हुए कहा कि इस मामले में न कोई हस्तक्षेप है और न ही आगे होगा। अधिकारी बेधड़क होकर कार्रवाई करें, इसके लिए उन्हें किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। बस इतना ध्यान रखें कि ऐसे मौकों पर वे पूरी तैयारी से जाएं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताकर जाएं, ताकि आवश्यकता होने पर उन्हें तत्काल मदद मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की असमय मृत्यु पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से दु:ख होता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर जिलों का फीडबैक लिया। इस दौरान फीडर सेपरेशन के काम में लेतलाली पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट की। मुख्यमंत्री ने सागर संभाग के कमिश्नर आरके माथुर और संभाग के जिलों के कलेक्टरों को गेहूं खरीदी के दौरान सीमावर्ती जिलों में निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्यान रखें दूसरे राज्य का गेहूं प्रदेश की मंडियों में बिकने के लिए नहीं आए। उन्होंने बाकी संभाग के आयुक्त तथा आईजी को भी गेहूं उपाजर्न के दौरान खरीदी केंद्रों पर शांति व्यवस्था कायम रखने और तय प्रक्रिया के मुताबिक पंजीकृत किसानों का गेहूं खरीदने के निर्देश दिए।
चौहान ने कहा कि खरीदे गए गेहूं का भुगतान भी समय पर किसान के खाते में जमा किया जाए। मंडी प्रांगण में अनावश्यक भीड़-भाड़ नहीं होने देने को भी उन्होंने कहा। चौहान ने मुख्यमंत्री सड़क योजना के कामकाज को लेकर भी जिलों का फीडबैक लिया। इस योजना में तेजी से काम करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए। अब अगली बैठक 5 अप्रैल को होगी। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को दिए गए निर्देशों का रिब्यू करेंगे।
अफसर फील्ड का दौरा करें :
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति और चिन्हित अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की समीक्षा के साथ संभागायुक्त और आईजी के साथ मिलकर फील्ड में जाने को कहा। उन्होंने कहा कि आला अधिकारी जिलों के दौरे कर मैदानी हकीकत जाने। उनके दौरों से नीचे के अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ता है।
मैराथन चली कान्फ्रेंसिंग :
मुख्यमंत्री और कमिश्नर-आईजी वीडियो कान्फ्रेंसिंग लगातार पांच घंटे तक चली। इसमें मुख्यमंत्री ने अफसरों से कई सवाल किए।
