Tuesday, February 14, 2017

पढि़ए: आधार लिंक होने के बाद भी कैसे लूटा जा रहा है गैस उपभोक्ताओं को

शिवपुरी। केन्द्र शासन द्वारा रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से प्रत्येक गैस उपभोक्ता को आधार कार्ड से जोडक़र बुकिंग की योजना प्रारंभ की गई लेकिन गैस ऐजेन्सी संचालकों आज भी फर्जी तरीके का उपयोग कर उपभोक्ताओं को ठगने की प्रक्रिया जारी है। जिसके कारण शासन द्वारा उपभोक्ता को मिलने बाली सब्सिडी से वंचित होना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। जिसके तहत किसी की गैस रसीद पर हॉकर द्वारा दूसरे उपभोक्ता का नाम हाथ से लिखकर दे दिया गया। जबकि क प्यूटर द्वारा बनाई गई रसीद किसी दूसरे ही उपभोक्ता की है। 

हॉकर ने बदला उपभोक्ता का नाम 
शहर में इण्डेयन गैस एजेंसी, गंगा चल पर रीना शाक्य द्वारा सिलेण्डर 13.1.2017 को बुक कराया गया जिसका नंबर 2000095605 है तथा बिल नंबर 3000107719 है। जिसे गंगाचल गैस एजेंसी के कार्यालय से जारी किया गया था लेकिन हॉकर द्वारा रसीद पर पार्वती बाई लोंगर नाम हाथ से लिखकर सिलेण्डर की आपूर्ति कर दी गई। उपभोक्ता पार्वती बाई द्वारा हॉकर से इसके बारे में कहा गया, लेकिन हॉकर द्वारा उपभोक्ता की एक न सुनते हुए रवाना हो गया।

पार्वती को कैसे मिलेगी सब्सिडी 
गंगा चल गैस ऐजेन्सी कार्यालय द्वारा रीना शाक्य के नाम रसीद काटकर हॉकर को आपूर्ति करने के लिए दिया गया, लेकिन हॉकर द्वारा उस सिलेण्डर को पार्वती बाई को रसीद पर हाथ से नाम लिखकर आपूर्ति कर दी गई। जबकि गंगाचल गैस ऐजेन्सी कार्यालय के कम्प्यूटर में उक्त सिलेण्डर रीना शाक्य के नाम दर्ज है। तब ऐसी परिस्थिति में शासन से दी जाने बाली सब्सिडी पार्वती बाई को कैसे मिल सकेगी।