कोलारस। कोलारस अनुभाग के तेंदुआ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम लेवा में 15 अप्रैल को शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर दिनदहाड़े हुई सरकारी अनाज की लूट ने तेंदुआ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे शर्मनाक विषय यह है कि घटना को 5 दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुआ थाना पुलिस ने मामले को जांच की आड़ में दबा रखा है। सरकारी खाद्यान्न की इस खुली लूट के वीडियो सोशल मीडिया पर चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं, लेकिन तेंदुआ पुलिस की खामोशी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Police Register Case After Robbery Video Goes Viral
जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को जब शासकीय उचित मूल्य की दुकान लेवा के सेल्समैन राजकुमार शर्मा गरीबों का राशन बांट रहे थे, तभी 10-15 दबंगों ने धावा बोल दिया। आरोपी सरकारी राशन दुकान से 50 कट्टा गेहूं और 15 कट्टा चावल लूटकर ले गए। पीड़ित सेल्समैन ने उसी दिन तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू धाकड़ को लिखित में शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर व घटनाक्रम के वीडियो सौंपकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय ठंडे बस्ते में डाल दिया। जब पूरी वारदात के वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, तो तेंदुआ पुलिस एफआईआर दर्ज करने से क्यों कतरा रही है।
क्या तेंदुआ पुलिस इन लुटेरों को राजनीतिक या अन्य दबाव में संरक्षण दे रही है। सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में पुलिस की यह लापरवाही अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस की सुस्ती देख संस्था प्रबंधक और विक्रेता ने कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव की शरण ली। एसडीएम ने इस मामले को शासन के प्रति खुली चुनौती माना है। उन्होंने कोलारस एसडीओपी संजय मिश्रा को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि यह घटना क्षेत्र में अराजकता फैला रही है और कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है। एसडीएम ने दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह असामाजिक तत्व बेखौफ होकर सरकारी राशन की बोरियां लूट रहे हैं। जनता अब यह पूछ रही है कि अगर सरकारी दुकान और कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी का क्या होगा।
इनका कहना है
शासकीय खाद्यान्न की लूट एक गंभीर अपराध है। इस संबंध में एसडीओपी को पत्र जारी कर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अनूप श्रीवास्तव, एसडीएम कोलारस
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